झांसी। गोविंद चौराहा स्थित मढ़िया महादेव मंदिर समूह के एक मंदिर में बिना अनुमति हो रहे निर्माण कार्य की सूचनाएं शासन को लगातार मिलने पर शनिवार को लखनऊ से आए राज्य पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
उल्लेखनीय है कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र गोविंद चौराहा के मढ़िया मुहल्ले में गोसाईं साधुओं द्वारा निर्मित श्रृंखलाबद्ध मंदिरों के समूह पर अतिक्रमण होने की दशा में उसे सर्व सम्मति से प्रशासन द्वारा खाली कराकर समूचे मंदिर परिसर को सरकारी संरक्षण में लेने के लिए प्रस्ताव राज्य पुरातत्व निदेशालय लखनऊ को भेजा था।
वहीं इन पुरातत्व धरोहरों की मौलिकता से छेड़छाड़ न हो इसके लिए क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग कार्यालय से बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया। लेकिन पिछले कुछ दिनों से एक हिंदूवादी संगठन द्वारा मुख्य मंदिर के सामने स्थित मंदिर में निर्माण कार्य किए जाने की सूचना शासन को लगातार मिल रही थी।
ऐसे में जांच के लिए लखनऊ से पुरातत्व विभाग के उत्खनन एवं अंवेषण अधिकारी श्रीराम विनय एवं पुरातत्व अभियंता मनमोहन श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने मंदिर क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य को बंद करा दिया।
हालांकि निर्माण कार्य करा रहे हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों व कुछ लोगों ने अधिकारियोें को बताया कि यह कार्य शिवरात्रि पर्व से जुड़ी तैयारियों को लेकर है और मंदिर में मौजूद मलबे को हटाया जा रहा है।
इस संदर्भ में क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. एसके दुबे ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट टीम द्वारा शासन को दी जाएगी। वहीं, निर्माण संबंधी कार्य होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी और इसके लिए संस्तुति पत्र जिला प्रशासन एवं शासन को भेजा जाएगा।
2014 में हटा था मंदिरों से अतिक्रमण
नगर के निर्माण के दौरान गोसाई संप्रदाय के साधुओं द्वारा बनाए गए श्रृंखलाबद्ध मंदिरोंपर कई परिवारों द्वारा अतिक्रमण किया था, जिसे सर्व सहमति से वर्ष 2014 में प्रशासन ने खाली कराया और अतिक्रमणकारी 34 परिवारों को करारी स्थित कांशीराम कालोनी में बसाया।
वहीं मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही भी की गई। इसी परिप्रेक्ष्य में झांसी विकास प्राधिकरण ने दो बार शासन को प्रस्ताव भेजा, जो स्वीकृत नहीं हुए। हालांकि, मंदिरों के पुरातत्व स्वरूप को कोई क्षति न हो, इसके लिए क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग क ी अनुमति के बगैर किसी भी प्रकार के निर्माण पर प्रतिबंध जरूर लगा दिया गया।
मढ़िया मंदिर जब खाली हुआ था, तब बाउंड्रीवाल बनवाई गई थी। लेकिन वर्तमान में जेडीए द्वारा कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है।
- आरके वर्मा सहायक अभियंता जेडीए