झांसी। जिला पंचायत चुनाव निर्विरोध कराने के बाद अब ब्लाक प्रमुख पद का चुनाव समाजवादी पार्टी के नेताओं सामने नई चुनौती बन गया है। सपा नेतृत्व द्वारा घोषित किए गए प्रत्याशियों का विरोध अन्य दावेदारों में देखा जा रहा है। स्थिति यह है कि चिरगांव व बामौर में बगावत की स्थिति बनी हुई है।
ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने पांच प्रत्याशियों की घोषणा पहले कर दी थी, इनमें बबीना से कल्याण सिंह बरार, बड़ागांव से कैलाश यादव, मोंठ से चरण सिंह यादव, गुरसरांय से मुकेश कुमार अहिरवार व मऊरानीपुर विकासखंड से हेमलता आर्य को प्रत्याशी बनाया गया है।
पेच फंसा होने के कारण बामौर, बंगरा व चिरगांव विकासखंड में प्रत्याशी चयन पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई थी। शुक्रवार को सपा के प्रदेश महासचिव अरविंद सिंह गोप ने चिरगांव ब्लाक से जितेंद्र प्रजापति की पत्नी गीता प्रजापति को प्रत्याशी बनाने की घोषण कर दी थी।
इस घोषणा के साथ ही पार्टी में बगावत के सुर फूटने लगे हैं। चिरगांव ब्लाक से सपा के जिला उपाध्यक्ष रामनरेश यादव ब्लाक प्रमुख चुनाव की तैयारी कर अपनी मां राम देवी को उम्मीदवार बनाने के लिए टिकट मांग रहे थे। उन्होंने बताया कि वह बहुमत के लिए आवश्यक संख्या से अधिक सदस्यों को लेकर पार्टी मुख्यालय में परेड करा चुके हैं, लेकिन पार्टी ने उनको गंभीरता से नहीं लिया है।
वर्ष 2005 में भी उन्होंने ब्लाक प्रमुख पद के लिए दावेदारी जताई थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व के मना करने पर उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था। इस बार दावा मजबूत होने के बावजूद टिकट नहीं मिला है। अपनी बात नेतृत्व के सामने रख दी है। यदि टिकट नहीं बदली जाती है तो वह अपनी मां को चुनाव मैदान में उतारेंगे।
यही हाल बामौर ब्लाक का भी है। इस ब्लाक की टिकट भी पार्टी ने घोषित नहीं की है। यहां से निवर्तमान ब्लाक प्रमुख सुमन पत्नी राजा यादव टिकट मांग रही हैं। वहीं, शिशुपाल यादव व शकुंतला यादव भी टिकट की दौड़ में बने हुए हैं। दोनों टिकट के लिए अपना दावा मजबूत बता रहे हैं, जबकि सुमन का कहना है
कि वह बसपा सरकार में पार्टी के हित के लिए लड़कर ब्लाक प्रमुख बनी थीं, ऐसे में उन्हें टिकट मिलनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यदि पार्टी टिकट नहीं देती है तो वह स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरेंगी।
रामनरेश यादव की मां के दावे पर आम सहमति बन गई थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। पार्टी गीता प्रजापति को दमखम से चुनाव में उतारेगी। बामौर में तीन और बंगरा में दो दावेदारों में आम सहमति नहीं बनने से टिकट घोषित नहीं हो सकी है। टिकट का फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है। पार्टी जो फैसला लेगी उसे स्वीकार किया जाएगा।
सुदेश पटेल, जिलाध्यक्ष सपा