झांसी। ट्रांसपोर्टर के लापता होने वाले दिन अजय सोनी की उससे फोन पर बात हुई थी। इसकी जानकारी पुलिस को ट्रांसपोर्टर की कॉल डिटेल से हुई। इसी आधार पर उसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। लेकिन, अजय से ट्रांसपोर्टर के संबंध में पुलिस के हाथ कोई विशेष सुराग नहीं लग पाया।
बरुआसागर निवासी ट्रांसपोर्टर अरविंद कुमार गुप्ता 23 सितंबर को मेडिकल कॉलेज से लापता हो गए थे। तलाश में जुटी पुलिस ने ट्रांसपोर्टर की कॉल डिटेल खंगाली। डिटेल में एक नंबर ऑटो ड्राइवर रब्बू कुशवाहा का पाया गया। ऑटो ड्राइवर से जानकारी करने पर उसने पुलिस को बताया कि उसके फोन से अजय सोनी उर्फ सेठ सोनी ने अरविंद कुमार गुप्ता से बात की थी। ऑटो चालक ने बताया कि अजय अपनी बीमार मां को दिखाने के लिए उसके ऑटो से झांसी लाया था। बताया गया कि लापता ट्रांसपोर्टर अरविंद कुमार गुप्ता की बेटी जिला अस्पताल में लैब अटेंडेंट है, जिसके चलते अजय ने अरविंद को फोन कर मां के इलाज में मदद मांगी थी। इसी कॉल के आधार पर पुलिस ने पूछताछ के लिए अजय को थाने बुलाया था।
मामले को दबाने में जुटी रही पुलिस
झांसी। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल अपने व्यक्तिगत दौरे पर परिवार के साथ रविवार को झांसी आए थे। इसी दरम्यान थाना नवाबाद की इलाइट चौकी में युवक द्वारा फांसी लगाने का मामला गरमा गया। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीजीपी के सामने जिला पुलिस की छवि खराब न हो, इसके लिए पुलिस मामले को दबाने की कोशिश में जुटी रही।
अजय पर दर्ज हैं 11 मुकदमे
झांसी। इलाइट चौकी में फांसी लगाने वाले युवक अजय सोनी पर बरुआसागर थाने में 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, पिछले चार-पांच साल के दरम्यान उस पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। लेकिन, आपराधिक इतिहास को देखते हुए उससे पुलिस ने पूछताछ की थी। विदित हो कि अजय के पिता की मृत्यु हो चुकी है और वे चार भाई हैं। अजय अपने बड़े भाई के साथ घर में ही खुली सर्राफ की दुकान में हाथ बंटाता है। अजय की शादी नहीं हुई है।