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आबादी में हिस्सा कम पर विकास और कारोबार में है सिंधी समाज का बड़ा योगदान

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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अपने विचार रखते सिंधी समाज के पदाधिकारी व कार्यकर्ता, ‍व्यापारी। ?
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झांसी। सिंधी समाज रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला समाज है। सिंधियों की संख्या जरूर मुट्ठी भर है, लेकिन देश के विकास में समाज का बड़ा योगदान है। सरकार को राजस्व देने में ये समाज हमेशा अग्रणी रहा है। बावजूद, समाज को अलग से कोई सहूलियत नहीं दी जा रही है। पहले सिंधी समाज को नौकरी व अन्य योजनाओं में रिफ्यूजी कोटा दिया जाता था, परंतु अब वो समाप्त कर दिया गया है। हालात ये हैं कि इलाइट चौराहे के पास स्थित समाज का झूलेलाल पार्क अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है। यह कहना रहा मंगलवार को ‘अमर उजाला संवाद’ में आए सिंधी समाज के लोगों का रहा। इसके अलावा सभी ने एक स्वर में सिंधी समाज को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की बात कही। साथ ही महानगर के विकास को लेकर अपने सुझाव रखे तथा समस्याओं को बेबाकी से उठाया।
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आबादी में सिंधी समाज का हिस्सा बेहद कम है, जबकि देश के विकास में समाज बड़ा योगदान दे रहा है। सिंधी समाज को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाना चाहिए।
- हरीश हासानी, अध्यक्ष- झूलेलाल सिंधी सेवा मंडल
बाजारों की यातायात व्यवस्था के नियंत्रण के लिए अलग से प्लान तैयार किया जाए। पार्किंग की सुविधा दी जाए। महानगर में बेहतर कारोबारी माहौल तैयार किया जाए।
- जयकिशन फवयानी
सड़कों की सफाई तो होती है, परंतु नालियों की नियमित सफाई नहीं होती, जिससे वे गंदगी से बजबजाती रहती हैं। मच्छर जनित बीमारियों के पनपने का ये बड़ा कारण है।
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- सुनील हीरवानी
महानगर का विकास प्रमुख चौराहों व सड़कों तक सीमित रह गया है। अंदरूनी हिस्सों तक ये नहीं पहुंच पा रहा है, जबकि बड़ी आबादी भीतरी इलाकों में रहती है।
- जयसिंह बसरानी
रोजगार सृजन व टैक्स अदायगी में सिंधी समाज बहुत आगे है। अगर अलग से रियायतें दी जाएं, तो ये समाज देश विकास की धुरी साबित हो सकता है।
- जितेंद्र पुंशी
शहर में नालियों का कचरा साफ कर सड़कों पर ढेर लगा दिए जाते हैं, जो पूरे रास्ते में फैल जाता है। सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- घनश्याम सोहिंदानी
मानिक चौक झांसी का प्रमुख कारोबारी केंद्र है। दिन भर जाम से जूझता रहता है। ग्राहकों को भी परेशानी होती है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- उत्तम बजाज
बाजारों में पार्किंग न होने से दुकानदार व ग्राहक दोनों को परेशानी होती है। कारोबार प्रभावित होता है। पार्किंग व्यवस्था बन जाने से जाम की समस्या भी नहीं रहेगी।
- दीपक आहूजा
महानगर के भीतरी इलाके गंदगी की चपेट में हैं। सफाई फौरी तौर पर ही होती है। नालियां तो साफ की ही नहीं जाती हैं। ऐसे में स्मार्ट सिटी अधूरी है।
- सुनील सिंधी
सिंधी समाज के लोगों ने देश को बेहतर कारोबारी माहौल दिया है। बदले में समाज को अलग से कोई रियायत नहीं मिली। इस पर सभी को ध्यान देना चाहिए।
- हेमंत शोभानी
सिंधी समाज के लोगों ने अपनी काबिलियत के बूते पर खुद को स्थापित किया है। समाज के योगदान के हिसाब से सुविधाएं भी दी जानी चाहिए।
- भूषण आनंदानी
शहर के विकास की तो तमाम योजनाएं हैं, परंतु बाजारों के विकास की योजनाएं नहीं बनाई जाती हैं। जबकि, रोजगार और राजस्व बाजारों से मिलता है।
- वासुदेव कोडवानी
शहर के टकसाल इलाके में दिन में कई बार जाम लगता है। लोग जाम से जूझते रहते हैं। बावजूद, व्यवस्था बनाने वाला वहां कोई नहीं रहता है।
- चंदू कोडवानी
हमें खुद भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। दुकान के आगे हम जगह छोड़ें और माल बाहर न रखें। इससे बाजारों में आवागमन आसान होगा।
- अशोक आहूजा
आरटीओ ऑफिस के पास दलालों का जमघट रहने से दिन भर जाम रहता है। निकलने तक की जगह नहीं रहती है। लेकिन, यहां ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
- भगवानदास मंगलानी
झूलेलाल पार्क का अस्तित्व संकट में है। अन्य शहरों में सिंधी कॉलोनियां हैं, लेकिन झांसी में इसका अभाव है। समाज के लिए सरकार को ये बंदोबस्त करने चाहिए।
- राम आहूजा, संरक्षक पंचायत
सिंधियों की गिनती विकसित समाज में होती है। मेहनत और काबिलियत के बूते पर ये तमगा हासिल किया है। सिंधी समाज को अल्पसंख्यक आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
- चंद्रप्रकाश नैनवानी, अध्यक्ष - पूज्य सिंधी पंचायत, शहर
झूलेलाल पार्क का जीर्णोद्धार होे जा रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था पर भी काम हो रहा है। हालांकि, क्षेत्र औद्योगिक विकास में पिछड़ा है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
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- सुनील नैनवानी, उप सभापति - नगर निगम
कई सुधार हम खुद से कर सकते हैं। अतिक्रमण आम जनमानस की है देन है। एक अच्छे शहरी की भूमिका अदा करते हुए हम सभी को आगे आना होगा।
- राजकुमार बसरानी, महामंत्री-ओरछा गेट व्यापार मंडल
महानगर में ऑटो का संचालन निर्धारित रूटों पर किया जाए। इससे यातायात व्यवस्था में खासा सुधार होगा। जाम नहीं लगेगा और बेहतर परिवहन सेवा मिलेगी।
- मनोज मानकानी
आबादी में संख्या बेहद कम है, बावजूद अल्पसंख्यक नहीं माना जाता है। कारोबारी समाज को कारोबार के लिए बेहतर माहौल भी नहीं मिल रहा है।
- विनोद चंद ख्यानी
मैंने अपनी दुकान के आगे 15 फुट जगह छोड़ी है। महानगर के विकास में अन्य लोगों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए। जाम और पार्किंग की समस्या नहीं रहेगी।
- जयकिशन प्रेमानी, अध्यक्ष - झोकनबाग व्यापार मंडल
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