फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: सालों से बंद मोंठ-भरोसा मार्ग पर तीन बार डाल दी गई सड़क

विज्ञापन
विज्ञापन
सड़क पर आवाजाही न के बराबर, सरकारी धन की हो रही बर्बादी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। मोंठ के प्रसिद्ध खेरापति हनुमान मंदिर से ग्राम भरोसा जाने वाला मार्ग सालों से बंद पड़ा हुआ है। इस पर लोगों की आवाजाही न के बराबर ही है। इसके बावजूद, मार्ग पर तीन बार डामर रोड डाल दी गई है, जिससे सरकारी धन की बर्बाद हो रही है।
यह संपर्क मार्ग दो हिस्सों में बंटा हुआ है। पहले हिस्से में खेरापति हनुमान मंदिर से रेलवे लाइन तक का करीब एक किलोमीटर लंबा रास्ता मंडी समिति के अधीन है। इस हिस्से में मंडी समिति द्वारा लगभग 10 वर्ष पूर्व डामर सड़क बनवाई गई थी। जबकि रेलवे लाइन से भरोसा गांव तक का दूसरा हिस्सा जिला पंचायत के अंतर्गत आता है। यहां करीब चार वर्ष पूर्व डामर सड़क बनाई गई थी। हाल ही में एमएलसी निधि से भी इस मार्ग पर 100 मीटर की सड़क बनाई गई है।
विज्ञापन

स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग कभी गांव के लोगों का मोंठ बाजार तक पहुंचने का मुख्य रास्ता था। लोग इसी मार्ग से पैदल बाजार जाते थे। बुजुर्गों का कहना है कि यहां इस मार्ग के पास पहले कालिंद्री नदी थी, जो अब एक नाले के रूप में रह गई है। वर्तमान समय में इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद है, क्योंकि बीच में रेलवे लाइन आती है। रेलवे लाइन के दोनों ओर गहरी खाइयों में हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे न तो वाहन निकल सकते हैं और न ही पैदल चलने वाले। अब स्थिति यह है कि यह मार्ग केवल कुछ किसानों के खेतों तक पहुंचने के लिए ही सीमित रह गया है। बाकी अन्य कोई इस रास्ते का उपयोग नहीं कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग का आवागमन में उपयोग नहीं हो रहा है, ऐसे में इस पर सड़क बनाने का कोई औचित्य नहीं है।
विज्ञापन

0000
अंडरब्रिज बनने के बाद मार्ग हो जाएगा उपयोगी
क्षेत्रीय विधायक जवाहरलाल राजपूत ने बताया कि मोंठ-भरोसा मार्ग ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम है। पहले लोग इसी मार्ग से मोंठ बाजार आया-जाया करते थे। रेलवे ने इस मार्ग पर अंडरब्रिज की स्वीकृति दे दी है। बारिश के बाद ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उसके बाद पूरी नई सड़क भी डाली जाएगी। इससे न केवल गांवों के बीच की दूरी घटेगी, बल्कि आमजन को आवागमन में भी काफी सहूलियत होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें