झांसी। बलिया में पेपर लीक होने के बाद बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का पेपर लीक होने से पुलिस-प्रशासन अफसरों में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने जल्द से जल्द आरोपियों की धरपकड़ के लिए निर्देश दिए थे। पुलिस महकमे के लिए खुलासा करना नाक का सवाल बन गया।
आरोपियों की धरपकड़ की कमान खुद एसएसपी शिवहरी मीना ने संभाल ली। बुधवार को आरोपी अनिल भाष्कर का नाम सामने आने के बाद उसी रात स्वॉट एवं एसओजी टीम को लगा दिया गया। इनके अलावा दो सीओ, नौ थानेदार एवं छह दरोगा भी लगा दिए गए। जिन आरोपियों के मोबाइल में प्रश्नपत्र की बात मालूम चल रही थी, पुलिस टीम उसी समय दबिश देकर पूछताछ के लिए झांसी उठा लाई। सीओ सदर राजेश राय एवं सीओ टहरौली अनुज सिंह के अलावा स्वाट प्रभारी जयप्रकाश पाल एवं एसओजी प्रभारी सुरेंद्र सिंह को धरपकड़ में लगाया गया। इसके अलावा नवाबाद इंस्पेक्टर सुधाकर मिश्रा, कोतवाल तुलसी राम पांडेय, प्रेमनगर इंस्पेक्टर संजय शुक्ला, चिरगांव प्रभारी अशोक वर्मा, बरूआसागर प्रभारी वेदप्रकाश पांडेय, सदर बाजार प्रभारी जितेंद्र तक्कर, बबीना प्रभारी बृजेश सिंह, थानाध्यक्ष परमेेंद्र सिंह, मोंठ प्रभारी रामप्रकाश, प्रभारी राजेश पाल, प्रभारी आईजीआरएस विजय पांडेय, उपनिरीक्षक पूनम वर्मा को लगाया गया।