अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रेलवे वेंडर जगभान कुशवाहा (42) की हत्या की गुत्थी नौ दिन बाद भी नहीं सुलझ सकी। पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। जिस युवक पर पुलिस को शक है, वह भी पुलिस को लगातार चकमा दे रहा है।
इस हत्याकांड को पुलिस शुरू से हल्के में ले रही थी। एक फरवरी की सुबह करीब नौ बजे रेलवे स्टेशन के बाहर हनुमान मंदिर के पास झाड़ियों से जगभान का खून से सना शव बरामद हुआ था। पुलिस इसे हत्या नहीं मान रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को हत्या की बात माननी पड़ी थी। पुलिस को जिस पर शक है, वह सुराग लगने से पहले ही चकमा देकर भाग निकला। इसके बाद से पुलिस उसे मध्य प्रदेश से लेकर ललितपुर तक तलाशती रही लेकिन, वह हाथ नहीं आया। वहीं, पुलिस हत्या की वजह भी मालूम नहीं कर सकी। शुरू में परिवार के भीतर हत्या की वजह मौजूद होने का शक था लेकिन, पूछताछ में पुष्ट नहीं हो सकी।
सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल सीडीआर से भी पुलिस को बहुत अधिक मदद नहीं मिली। पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी कि हत्या से चंद घंटे पहले आखिर जगभान किसके साथ और क्यूं लहर गिर्द गया था। किस वजह से उसने अपने घर से दूरी बना ली थी। घर की जगह उसने दूसरा ठिकाना कहां बना लिया था, इन सब सवालों के भी जवाब पुलिस अब तक नहीं तलाश सकी। नौ दिन से भटकने की वजह से पुलिस पस्त पड़ती जा रही है। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि पुलिस टीम लगातार कोशिश कर रही है। जल्द हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इनसेट
चार साल बाद भी नहीं खुला जीवनशाह कब्रिस्तान में हुआ कत्ल
रेलवे स्टेशन के पास जगभान कुशवाहा हत्याकांड का हश्र भी जीवनशाह कब्रिस्तान के भीतर हुए कत्ल की तरह न हो जाए। नवाबाद इलाके में स्थित जीवन शाह तिराहा स्थित कब्रिस्तान में 25 दिसंबर 2021 को एक युवक को पत्थर से कुचलकर मार दिया गया। पहचान न हो सके इसके लिए चेहरा पूरी तरह बिगाड़ दिया गया था। हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। काफी समय तक पुलिस हत्या का खुलासा करने की कोशिश में जुटी रही लेकिन, इस मामले का चार साल बाद भी खुलासा नहीं हो सका।