झांसी। शुक्रवार को लखनऊ में जब झांसी की स्मार्ट सिटी योजना की वाहवाही हो रही थी, तभी समाजवादी आवास योजना के अधूरे प्लान पर नाराजगी जताई जा रही थी। स्मार्ट सिटी में झांसी को पास कर दिया गया, जबकि समाजवादी आवास योजना के लिए फिर से प्रोजेक्ट बनाने के लिए कहा गया। आवास योजना को कई खामियों के साथ रिवीजन के लिए वापस भेजा गया।
आम जनमानस को रियायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने के लिए बड़ागांव क्षेत्र के बराठा गांव में समाजवादी आवास योजना के तहत पीपीपी मॉडल पर दो कॉलोनी बनाने की तैयारियां चल रही थीं। शुभम सिटी व शौर्य सिटी के नाम से बनाई जा रही दो कॉलोनी की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शुक्रवार को लखनऊ में सचिव आवास विकास के समक्ष प्रस्तुत की गई।
सचिव ने प्रोजेक्ट में तमाम खामियों को चिह्नित किया। उन्होंने कहा कि कालोनी के कुल क्षेत्रफल का 15 फीसदी हिस्सा पार्क के रूप में विकसित किया जाना चाहिए था, लेकिन प्रोजेक्ट में महज दस फीसदी हिस्सा ही पार्क के लिए आरक्षित किया गया था। सड़कों के ऊपर 132 केवीए के लाइन निकली दिखाई गई है, जिस पर भी आपत्ति लगाई गई। सचिव ने कहा कि सड़क के ऊपर से हाईटेंशन लाइन न जाए। नाले, नालियों की स्थिति पर भी सवालिया निशान लगाए गए।
सचिव आवास विकास ने कहा कि दो हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले प्रोजेक्ट के लिए टाउन प्लानर की संस्तुति जरूरी रहती है, जो प्लान दिया गया था वह आर्किटेक्ट द्वारा बनाया गया था, इस कारण उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सभी कमियों को पूरा करते हुए एनएचएआई, फायर, सिंचाई, राजस्व विभाग की एनओसी सहित प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने को कहा है।