अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। टहरौली के कुम्हरिया गांव में सुशीला सिंह हत्याकांड में पुलिस को चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। परिजन ने बड़ी बहू रागिनी समेत दतिया निवासी युवक पर हत्या के शक में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस को सुशीला के पति, उसके बड़े बेटे समेत छोटी बहू की भूमिका भी संदिग्ध मिली। पुलिस अब इन सभी से बारी-बारी पूछताछ कर कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
22 जून को कुम्हरिया गांव के अजय प्रताप सिंह की पत्नी सुशीला का शव संदिग्ध परिस्थिति में घर के अंदर से बरामद हुआ था। उनके गले में नीले निशान बने थे। गला घोंटकर हत्या होने की आशंका में सुशीला के पति अजय सिंह ने बड़ी बहू रागिनी समेत दतिया निवासी आकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। छानबीन करने पर पुलिस को मालूम चला कि सुशीला के दो पुत्रों में संतोष ही जीवित है, जबकि लाखन की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। लाखन की पत्नी पूजा ससुराल में रहती है। ससुराल में जेठ संतोष एवं ससुर अजय दोनों ही पूजा का ख्याल रखते हैं। उसकी हर जरूरतें पूरी करते हैं। पूजा गांव में अपना हिस्सा बेचकर ग्वालियर में बसना चाहती थी। उसने संतोष एवं अजय को भी हिस्सा बेचने के लिए राजी कर लिया, लेकिन सुशीला राजी नहीं थी। इसको लेकर अक्सर चारों में विवाद होता था। कुछ दिन पहले पूजा जन्मदिन मनाने ग्वालियर चली गई। जेठानी रागिनी अपने मायके में थी। इन सभी से पूछताछ के बाद पुलिस का शक इन तीनों की ओर आ टिका। इनकी भी भूमिका तलाशी जा रही है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि मामले में अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही खुलासा भी कर दिया जाएगा।