झांसी। बुंदेलखंड में वक्त के साथ समधी बदल गए समधिन बदल गईं पर नहीं बदला तो सावनी में जाने वाला डब्बा का बब्बा। इसके लिए डब्बा एक अलग तरह से तैयार किया जाता है। ऊपर और नीचे के तल्ले पर मोटा गत्ता लगाया जाता है, जबकि डिब्बे के चारों ओर के हिस्से को कपड़े से बनाया जाता है। इसमें एक बड़ी स्प्रिंग का इस्तेमाल करते हुए, स्प्रिंग के ऊपरी हिस्से पर सफेद दाड़ी और नाक आंख बनाकर बब्बा का आकार दिया जाता है। स्प्रिंग के ऊपर वाले हिस्से पर बने बब्बा को ताकत के साथ डिब्बे में बंद करके एक कुंदे में तार फंसा दिया जाता है, जिससे स्प्रिंग नीचे दबी रहे।
इस डिब्बे में लड़की पक्ष की समधिन के नाम का एक पत्र वर पक्ष की समधिन के द्वारा भेजा जाता है, इसमें लिखा होता है आपके लिए समधी भेज रहे हैं। समधिन के लिए इसमें दक्षिणा भी भेजी जाती है। जब सावनी लड़की पक्ष के यहां पहुंचती है तो इस बब्बा वाले डब्बा को वधु पक्ष की समधिन ही खोलती हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ दोनों ओर की समधिनों का हंसी मजाक ही है।