अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कई विभागों के समन्वयक बदल दिए गए हैं। खास बात ये है कि जिस शिक्षक की जांच चल रही है, उसे समन्वयक नहीं बनाया गया है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि ऐसा कोई नियम नहीं है। वहीं, दूसरे जिस शिक्षक की शिकायत हुई है, उसे समन्वयक पद की जिम्मेदारी दे दी गई है।
बीयू में तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद चक्रानुक्रम में समन्वयक और विभागाध्यक्ष बदले जाते हैं। मगर कई विभागों के समन्वयक छह महीने से लेकर एक साल का समय बीत जाने के बाद भी नहीं बदले गए थे। मगर पिछले कुछ समय से लगातार समन्वयक बदले जा रहे हैं। अब डॉ. मीनाक्षी सिंह गृह विज्ञान विभाग, डॉ. श्वेता पांडेय ललित कला संस्थान, डॉ. विनीत कुमार को पर्यावरण विभाग का समन्वयक बनाया गया है। जबकि, प्रो. पूनम पुरी को शिक्षा संस्थान का विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा चार और विभागों में नए समन्वयक बनाए गए हैं। इनमें से एक विभाग में चक्रानुक्रम में नंबर आने के बाद एक शिक्षक को समन्वयक नहीं बनाया गया है। तर्क दिया गया है कि उसकी जांच चल रही है। वहीं, एक अन्य शिक्षक जिसकी शिकायत हुई है, उसको जिम्मेदारी दे दी गई है। बताया गया कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि जिस शिक्षक की जांच चल रही हो, उसे समन्वयक नहीं बनाया जा सकता। क्योंकि, आरोप लगने और दोष सिद्ध होने में अंतर है। इस मामले में कुलसचिव विनय कुमार सिंह का कहना है कि कुलपति के अनुमोदन पर ही समन्वयक बनाए गए हैं।