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Jhansi News: सवालों के घेरे में बीएड प्रवेश परीक्षा में कदाचार की जांच रिपोर्ट

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। कौशाम्बी के सरदार वल्लभ भाई पटेल कॉलेज के रूम नं. 15 में बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में नकल के मामले में सौंपी गई जांच रिपोर्ट सवालों के घेरे में आ गई है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अजीबोगरीब तर्क दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली जाने से परीक्षार्थी गर्मी से परेशान थे। परीक्षा पूरी होने में 30 मिनट शेष थे। परीक्षार्थी घर जाने की बात कर रहे थे न कि सवाल हल करने की। ऐसे में सवाल है कि यदि ऐसा था तो कक्ष निरीक्षक को तत्काल क्यों हटाया गया?



बताते चलें रविवार को पहली पाली की परीक्षा के दौरान कंट्रोल रूम पर तैनात कर्मियों ने कौशांबी के परीक्षा केंद्र सरदार वल्लभ भाई पटेल कॉलेज के रूम नं. 15 में परीक्षार्थियों को अगल-बगल में बैठकर पेपर हल करते दिखे। यह नजारा देख कंट्रोल रूम पर मौजूद बीयू अधिकारी सक्रिय हो गए। तत्काल हॉट लाइन से बीयू प्रतिनिधि और केंद्राध्यक्ष को कक्ष में पहुंचकर नकल रोकने के लिए आदेश दिए। कुछ देर में बीयू प्रतिनिधि डॉ. धीरेंद्र शर्मा पहुंचे और कुलसचिव के आदेश पर तत्काल कक्ष निरीक्षक को हटाकर दूसरे को लगाया गया। यह मामला अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिस पर कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बीयू के परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, डीन प्रो. मुन्ना तिवारी और कॉर्डिनेटर डॉ. प्रेमप्रकाश की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि सोमवार शाम जांच कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी, जिसमें दिए गए तर्क गले नहीं उतर रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 11.30 बजे परीक्षा केंद्र पर स्थानीय एडीएम, बीयू प्रतिनिधि, केंद्राध्यक्ष, बीएसए आदि मौजूद थे, तभी बिजली गुल हो गई। गर्मी की वजह से परीक्षार्थी परेशान हो रहे थे। नकल करने जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, दूसरी तरफ कौशाम्बी से लौटकर आए बीयू प्रतिनिधि डॉ. धीरेंद्र शर्मा ने कुलसचिव को परीक्षा केंद्र की रिपोर्ट सौंप दी है। उनका कहना है कि जिस समय कंट्रोल रूम से फोन पहुंचा, उस समय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ केंद्र पर ही मौजूद थे। उन्होंने भी कदाचार की बात से इनकार किया है।
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कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कुलपति ने जांच कमेटी बनाई थी, जिसने रिपोर्ट सौंपते हुए कदाचार से इनकार किया है। कमेटी का कहना है कि बिजली गुल होने से गर्मी में परीक्षार्थी परेशान हो रहे थे और बाहर निकलने को लेकर बातचीत कर रहे थे।




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