झांसी। स्वाइन फ्लू की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने दो रैपिड एक्शन टीमों का गठन कर दिया है। यह टीमें स्वाइन फ्लू की जानकारी मिलते ही मौके पर जाकर पीड़ित के रक्त का नमूना लेंगी और उसे जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू ने झांसी में भी दस्तक दे दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि इस बीमारी का बचाव करना ही सबसे बेहतर उपचार है। शुरूआत में ही रोग की पहचान करने के लिए जिला अस्पताल में लिए दो रैपिड एक्शन टीमों का गठन कर दिया गया है।
प्रत्येक टीम में एक फिजीशियन, एक पैथालॉजिस्ट, एक ईएनटी सर्जन एवं एक लैब टेक्नीशियन को शामिल किया गया है। स्वाइन फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी होने पर यह टीमें वहां जाएंगी और संबंधित व्यक्ति का नमूना लेकर उसे जांच के लिए लखनऊ भेजेंगी। लगभग 24 से 48 घंटे में इसकी जांच रिपोर्ट आ जाती है।
जिला अस्पताल में एक विशेष वार्ड बनाया गया है। इसमें मरीज को भर्ती कर उसे स्वच्छता के साथ दवाएं दी जाती हैं। सरकारी अस्पताल में टैमी फ्लू नामक दवा रोगी को दी जाती है। साथ ही अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी मरीज के लिए अलग से उपलब्ध कराई गई हैं।
-बीमारी के लक्षण
यदि बुखार, सर्दी, जुकाम, खांसी जैसी तकलीफ एक सप्ताह तक ठीक न हो, तो इसे नजर अंदाज न किया जाए। तत्काल जिला अस्पताल पहुंचकर जांच कराई जाए। इस बीमारी के संक्रमण से बचने के लिए मरीज के साथ मौजूद लोग व तीमारदार हाथ न मिलाएं और न ही मरीज के नजदीक जाएं।
खांसी, छींक, हाथ मिलाने, पास आकर बातचीत करने से ये इस रोग के वायरस दूसरे व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकते हैं। मरीज के पास जाने से पहले मास्क लगा लें। हाथों को साबुन से धोएं। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।