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पोषण मिशन के गांवों में कुपोषित शौचालय

Thu, 25 Feb 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। केंद्र व प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों का लक्ष्य पूरा कराने के लिए अफसरों द्वारा गोद लिए पांच गांवों का निरीक्षण किया गया। मोटीवेशन विजिट में राज्य पोषण मिशन के तहत चयनित इन गांवों में पांच सौ स्वीकृत शौचालयों के सापेक्ष महज 67 ही पूर्ण मिले।
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डीपीआरओ केके सिंह सबसे पहले गुलारा पहुंचे। यहां प्रधान विशाल शिवहरे ने बताया कि सौ स्वीकृत शौचालय के सापेक्ष दस पूर्ण हो गए हैं, जबकि पांच निर्माणाधीन हैं। शेष 85 पर काम ही शुरू नहीं हुआ है। इसके बाद बरल में प्रधान सुखदेवी ने बताया कि सौ स्वीकृत शौचालय के सापेक्ष 12 पूर्ण हो गए हैं।

अंबावाय में प्रधान दयाराम ने बताया कि सौ के सापेक्ष 25 पूर्ण तथा 10 निर्माणाधीन हैं। रुद्र करारी में प्रधान विनीता ने बताया कि सौ के सापेक्ष 20 शौचालय पूर्ण दस निर्माणाधीन हैं। सिमराहा में प्रधान राजकुमार यादव ने बताया कि सौ स्वीकृत शौचालय के सापेक्ष 15 निर्माणाधीन हैं, जबकि एक भी शौचालय पूर्ण नहीं हुआ है।
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निरीक्षण में कई जगह शौचालय मानक के अनुरूप बनते नहीं मिले। कई जगह क्षेत्रफल अधिक मिला तो कहीं-कहीं शौचालय की ऊंचाई अधिक मिली। उन्होंने प्रधानों को बताया कि ओवर साइज शौचालय मानक के अनुरूप नहीं हैं। सत्यापन के दौरान इन्हें पास नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानों से तय मानक के अनुसार ही शौचालय बनवाने को कहा।

पीएमओ से आया जांच का आदेश
मोंठ ब्लाक के ग्राम अमरौख निवासी शिखा नामदेव ने प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर गांव में शौचालयों का निर्माण मानक के विपरीत होने की शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय के विशेष कार्य अधिकारी लोक शिकायत ब्रह्मूराम ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर जांच कराने के लिए कहा था। मुख्य सचिव कार्यालय ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर अवगत कराने को कहा है।
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