झांसी। कोतवाली के बड़ागांव गेट बाहर रहने वाली युवती ने आत्महत्या नहीं की थी, उसकी गला दबाकर हत्या हुई थी। युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। युवती के गले एवं हाथ में नाखून के निशान मिले हैं। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि होने के बावजूद पुलिस ने इस मामले में अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
बड़ागांव गेट बाहर निवासी मूलचंद रजक की पुत्री आरती (22) का शव 16 मार्च को घर के अंदर पड़ा मिला था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरती ने फांसी लगा ली। कोतवाली पुलिस जब पहुंची तब शव भीतरी कमरे में पड़ा था। परिजनों का कहना था उन्होंने शव को फंदे से उतार लिया। अब सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आत्महत्या की पूरी कहानी को पलट दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरती की मौत गला दबाने से बताई गई। उसके गले की हड्डी टूटी हुई मिली जबकि फांसी लगाने पर जो हड्डी टूटती है वह सही-सलामत मिली।
आरती के हाथ एवं गले में नाखून के तमाम निशान मिले। आरती के हाथ एवं पांव में रगड़ के निशान मिले हैं। हत्या की बात सामने आने के बाद शक की सुई आरती के परिजनों के अलावा उसके एक करीबी की ओर भी घूम गई। पति से अलगाव के बाद आरती मायके में रहती थी। पुलिस का कहना है कि यहां वह एक युवक के करीब आ गई। युवक उसके घर दूध देने आता था। इसी दौरान दोनों में घनिष्ठता हो गई। हत्या के दिन वह दो बार उसके घर आया हालांकि इन सारे पहलुओें के सामने आने के बाद भी पुलिस ने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की। कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने माना कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या किए जाने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि परिवार के लोग अभी तक मामला दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आए। पूछताछ के लिए कुछ लोगों को उठाया गया है।