झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के चलते किले की बदली रंगत ने लोगों को खूब आकर्षित किया। किले में दो साल में पहली बार एक दिन में तीन हजार पर्यटक पहुंचे। इस दौरान पर्यटकों ने किले का दीदार करने के साथ ही जमकर मस्ती की।
लगभग दो वर्ष पहले कोरोना संक्रमण के मरीजों में इजाफा होते ही लॉकडाउन और दूसरी लहर में कोरोना कर्फ्यू लागू था। जिसके चलते किले में सैलानियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। संक्रमण का दायरा सिमटते ही दुर्ग के द्वार को सैलानियों के लिए खोल दिया गया था। लेकिन सैलानियाें की संख्या में कोई खास इजाफा नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर दुर्ग का कायाकल्प कर खूब साज-सज्जा की गई थी। जिसके चलते मुख्य द्वार से लेकर रानी के कुदान स्थल तक की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया था। जिससे किले की भीतरी और बाहरी खूबसूरती और बढ़ गई। दुर्ग के बदले हुए नजारे को देखने के लिए शहर भर लोग उमड़ पड़े। जिसके चलते शनिवार को दुर्ग के भीतर सैलानियों का जमावड़ा रहा।
इस संबंध में किला प्रभारी अभिषेक ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद से लेकर अब तक सबसे अधिक संख्या में सैलानी दुर्ग को घूमने के लिए आए हैं। शनिवार को 3006 लोगों ने किले का दीदार किया है।
कुदान स्थल बना सेल्फी प्वाइंट
झांसी। अंग्रेजी हुकूमत से लड़ते-लड़ते महारानी लक्ष्मीबाई किले के बुर्ज से कूदी थी। वह स्थान अब सेल्फी प्वाइंट में तब्दील हो गया है। जिसके चलते सैलानियों ने सेल्फी खींचकर मोबाइल में कैद किया। इस दौरान सेल्फी लेने वालों की काफी भीड़ जमा रही।