झांसी। इंजीनियरिंग की सबसे पुरानी और मजबूत ब्रांच है मेकेनिकल इंजीनियरिंग। चूंकि, सरकारों का विकास पर बहुत अधिक फोकस है, ऐसे में ये इंजीनियरिंग की सबसे लोकप्रिय ब्रांच भी बन चुकी है। ऐसे में भारत और विदेशों में मेकेनिकल इंजीनियरों के विकास और कॅरियर में उन्नति की बहुत गुंजाइश है। ये कोर्स कर एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, केमिकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स, ऑयल एक्सप्लोरेशन, रेलवे कोच फैक्टरी आदि में रोजगार पा सकते हैं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से कोर्स करने के लिए दस जून तक आवेदन कर सकते हैं।
मेकेनिकल इंजीनियरिंग तकरीबन जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है। अधिकांश वस्तु जो हम रोजाना की जिंदगी में इस्तेमाल करते हैं, उन्हें मेकेनिकल इंजीनियर्स ही डिजाइन करते हैं। जैसे कि ऑटोमोबाइल्स, छोटी-बड़ी गाड़ियां, मशीनें, मेडिकल डिवाइस, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में उपयोग आने वाली बस, ट्रेन, हवाई जहाज आदि। बीयू में मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और प्लेसमेंट के सह समन्वयक इं. राहुल शुक्ला ने बताया कि मेकेनिकल कोर ब्रांच होने के साथ-साथ बहुविषयक शोध कार्यों में अहम योगदान देती है। इसमें छात्रों को मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस व साइंस, नॉन कन्वेंशनल एनर्जी रिसोर्सेज, स्ट्रेंथ ऑफ मटेरियल, थर्मो डायनामिक्स, मशीन ड्राइंग, फ्लूड मेकेनिक्स आदि विषय पढ़ाए जाते हैं। बताया कि विभाग में आधुनिक लैब है। इससे छात्रों के प्रयोगात्मक ज्ञान बढ़ाने में मदद मिलती है। विभाग में स्मार्ट क्लास रूम भी हैं। इस बार कुलपति के निर्देशन में विभाग एकेटीयू के साथ-साथ 30 छात्राओं को बीयू द्वारा कराए जाने वाली प्रवेश परीक्षा से एडमिशन देगा। उन्होंने बताया कि ये कोर्स करने के बाद विद्यार्थी बीएचईएल, थर्मल पावर प्लांट, रेलवे, एचएएल, एरोनॉटिक्स इंडस्ट्री, आर्मी, नेवी, एयरफोर्स आदि में नौकरी पा सकते हैं। इसके अलावा कई बड़ी निजी कंपनियों में भी रोजगार पाने के मौके हैं।
प्रौद्योगिकी के बड़े पैमाने पर प्रवास के कारण, रोबोटिक्स, बायोमेडिकल, नैनो टेक्नोलॉजी, एआई, ऊर्जा संरक्षण आदि में मेकेनिकल इंजीनियर की जरूरत होती है।
इंटरमीडिएट पास के लिए कोर्स
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कोर्स का नाम: बीटेक मेकेनिकल इंजीनियरिंग
चयन की प्रक्रिया: प्रवेश परीक्षा
योग्यता: पीसीएम ग्रुप से 50 प्रतिशत से इंटर पास
सीटें: 30
अवधि: चार साल
फीस: 85000