संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रक्षाबंधन पर हर कोई अपने घर पहुंचना चाहता है। ऐसे में ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। लोगों को कन्फर्म टिकट तो मिल ही नहीं रहा है, वहीं ट्रेनें भी खचाखच भरकर चल रही हैं। बृहस्पतिवार को हालात यह रहे कि ट्रेन के अनारक्षित कोच में ही क्षमता से पांच गुना ज्यादा यात्री सवार दिखे। बरौनी मेल और उदयपुर इंटरसिटी में यात्रियों ने गेट पर लटककर यात्रा की।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2 बजे झांसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ खचाखच दिखाई दी। बरौनी मेल झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर 2 बजकर 25 मिनट पर पहुंचीं। ट्रेन न केवल खचाखच भरी थी, बल्कि यात्री गेट पर लटके दिखाई दिए। इसके बाद यहां से ट्रेन के अंदर दाखिल होने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। गेट पर अत्यधिक भीड़ होने के चलते खिड़कियों से लोग अंदर पहुंचे। भीड़ के चलते अंदर बैठे यात्रियों ने जनरल बोगियों के कुछ गेट ही बंद कर लिए गए थे। इस दौरान बुजुर्ग, बच्चे व महिला जान जोखिम में डालकर सवार होते दिखाई दिए। कुछ ऐसे ही हाल खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी के भी दिखाई दिए। ट्रेनों में इस तरह यात्रा कर रहे लोग अपनी जान जोखिम में डाल ही रहे, साथ ही दूसरों के लिए भी खतरा बन रहे हैं। ऐसे में रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुखद यात्रा का दावा करने की बात बेमानी साबित हो रही है।
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बॉक्स में -
रेलवे सुरक्षा बल की लापरवाही उजागर
- ट्रेनों में इस कदर भीड़ चल रही है, यात्री मजबूरन गेट पर लटककर यात्रा कर रहे हैं। ट्रेन के अंदर प्रवेश करने के लिए लोग धक्का-मुक्की कर रहे हैं। लेकिन इन सब की देखरेख के लिए न तो आरपीएफ और न ही जीआरपी के जवान यहां दिखाई दे रहे हैं। .......
फोटो सहित बॉक्स में -
सीट पाने की चाह में जान हथेली पर
- सीट पाने के लिए यात्रियों द्वारा बेपरवाही का दृश्य यहां दिखाई दिया। ट्रेन आने के पूर्व यात्री पटरी पर उतर गए और दूसरी ओर से चढ़ने का प्रयास करने लगे। ऐसे में पटरी की दोनों ओर यात्रियों की खासी भीड़ यहां दिखाई दी। इनकी लापरवाही तो थी ही, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोकने वाला कोई यहां दिखाई नहीं दिया।
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फोटो -
क्या बोले यात्री
- त्योहार पर अपने घर दरभंगा जा रहे हैं। ट्रेन में सीट पाने के पहले करीब 7 से 8 घंटे खड़े रहे। जैसे-तैसे सीट मिली, लेकिन ट्रेन में भीड़ ज्यादा होने से बेचेनी भरे सफर में यात्रा करने को मजबूर हैं।
- शत्रुधन, यात्री।
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- धान की रोपाई करने के लिए बहेड़ी गए थे। वहां से लौटकर अब दरभंगा रक्षाबंधन मनाने जा रहे हैं। ट्रेन में भीड़ है, लेकिन क्या किया जाए। घर पर तो पहुंचना है, इसके लिए वह ऐसे सफर में मजबूरी में यात्रा कर रहे हैं।
- शशिभूषण, यात्री।
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वर्जन -
- रक्षाबंधन को लेकर ट्रेन में भीड़ बढ़ रही है। इसके लिए अलग से स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गई हैं। लापरवाही पर स्टेशन पर नजर रखी जाती है और यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। - मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, मंडल रेल प्रबंधक, झांसी।