कई बार लोगों को खदेड़ा, महिलाओं ने दिया धरना
झांसी। मुठभेड़ में मारे गए पुष्पेंद्र के गांव करगुआ खुर्द में पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। बात न बनने पर एसएसपी ने पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स मंगाया। इसको अलावा, ललितपुर व जालौैन जिले से भी फोर्र्स मंगाया गया था। फोर्र्स के पहुंचते ही सख्ती बरतनी शुरू की। धरना स्थल के आसपास खड़े वाहनों को जबरन हटवाया गया, इसके बाद घरों के बाहर खड़े लोगों को खदेड़ कर अंदर किया। इसके लिए पुलिस ने कई बार चेतावनी भी दी। हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए महिलाओं ने धरना दिया
गांव के रास्ते कर दिए थे बंद
देर शाम एडीजी के बात न करने के बाद पुलिस एक्शन में आ गई थी। पुलिस ने गांव के चौतरफा रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर दिया था। गांव में आने वाले लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। करीब दो घंटे तक आवागमन बंद रहा। पुलिस के शव लेकर निकलने के बाद ही रास्ते खोले गए।
जहां चाहें वहां करा सकते हैं जांच
मौके पर पहुंचे एडीजी ने परिजनों की मांगें सुनने के बाद मौके पर ही टहरौली पुलिस को जांच सौंपने की बात कही। उन्होंने यह तक कह डाला कि परिजन जहां चाहेें वहां जांच करा सकते हैं। मौके पर मौजूद डीआईजी सुभाष सिंह ने दी गई तहरीर को पढ़कर सुनाया, ताकि किसी भी तरह की कोई खामी न मिल सके।
नेता भी रहे नाकामयाब
परिजनों को मनाने के लिए अधिकारियों ने नेताओं का सहारा लिया। कुछ नेता परिजनों को मनाने पहुंचे। दोपहर मेें नेता परिजनों को मनाने में कुछ हद तक कामयाब रहे, लेकिन बार-बार परिजनों के बात न मानने पर कामयाबी नहीं मिल सकी। इसके बाद नेता गांव से निकल लिए।