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मकान मालकिन की हत्या कर भागा किरायेदार मुठभेड़ में गिरफ्तार

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झांसी। मकान मालकिन की हत्या कर भागे किरायेदार को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस का दावा है कि महिला की हत्या लूट के लिए की गई थी। गिरफ्तार किरायेदार से सभी पंद्रह लाख के जेवरात बरामद कर लिए हैं।
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एसएसपी शिवहरि मीणा के मुताबिक 18 जून को पुलिया नंबर नौ निवासी दुर्गादेवी की हत्या कर दी गई थी। उसकी पुत्री द्रोपदी ने किराएदार सुनील शर्मा (28) मूल निवासी करावल नगर, ईस्ट दिल्ली एवं दीपेंद्र कौर (46) निवासी डुगरी, लुधियाना पर शक जाहिर किया। इनकी धरपकड़ के लिए प्रेमनगर पुलिस के साथ स्वॉट टीम को भी लगाया गया। पुलिस टीम को बीती रात करीब साढ़े बारह बजे सुनील के झांसी-ललितपुर हाइवे के पास मौजूद होने की सूचना मिली। इंस्पेक्टर रणविजय सिंह एवं स्वॉट प्रभारी राजेश पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पहुंचकर वहां घेराबंदी शुरू कर दी। बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी फायरिंग की। एक गोली सुनील के पैर में लगी जिससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा। पूछताछ में उसने दुर्गादेवी हत्याकांड में शामिल होने की बात मानी। उसने पुलिस को बताया कि दीपेंद्र के पास ही लूट का सारा सामान मौजूद है। वह प्रेमनगर स्थित रेलवे बुकिंग ऑफिस के पास है। झांसी छोड़कर वह लोग बाहर जाने वाले हैं। पुलिस ने तुरंत बुकिंग ऑफिस के पास घेराबंदी करते हुए दीपेंद्र को भी दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया पूरा आभूषण बरामद कर लिया। एसएसपी के मुताबिक कुल 6 किलो सात सौ ग्राम आभूषण बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये है। दोनों के पास से आधा दर्जन जाली शैक्षिक प्रमाण पत्र भी बरामद किए गए हैं। एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद इनाम देने की भी बात कही।
महिला मित्र की आड़ लेकर तलाशता था शिकार
सुनील एवं दीपेंद्र की उम्र में करीब आधे का फासला है लेकिन, दोनों ही काफी करीब आ गए थे। दीपेंद्र पति से अलग रहने लगी थी। सुनील के कहे के मुताबिक ही काम करती थी। पूछताछ के दौरान सुनील ने पुलिस को बताया कि किराएदार बनकर वह अपना शिकार तलाशते थे। दीपेंद्र के संग में होने से लोग जल्दी यकीन कर लेते थे। महिला किराएदार होने के नाते पूछताछ भी कम करते थे। दुर्गादेवी के घर वह महज पंद्रह-बीस दिन ही किराए पर रहा। दीपेंद्र ने अपने अच्छे व्यवहार से दुर्गादेवी का विश्वास बना लिया था। वह उसके साथ जाकर अंदर के कमरों का हाल देख आई थी। अंदर जाने और बाहर आने का रास्ता भी समझ लिया। बातों-बात में उसने परिवार के लोगों के बारे में भी सारी डिटेल ले ली। इसके बाद वारदात को अंजाम देने में उनको कोई मुश्किल नहीं आई। उसका कहना था कि उसने दुर्गादेवी के घर की पहले से भी सुरागकशी कर रखी थी। पुलिस का कहना है कि अभी दोनों का अपराधिक रिकॉर्ड मालूम नहीं चला है। इसकी तलाश की जा रही है।
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विदेश में पढ़ाई कर रहा महिला का पुत्र
पुलिस की पूछताछ में महिला आरोपी दीपेंद्र ने अपने कई राज उगले। उसने पुलिस को बताया कि सुनील के साथ उसकी दोस्ती व्हाटसएप के जरिए हुई थी। कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्ते गहरे हो गए। सुनील की बातों में आकर उसने अपनी बसी-बसाई गृहस्थी छोड़ने से भी परहेज नहीं किया। दीपेंद्र ने बताया कि पति सरकारी नौकरी में है जबकि बेटा विदेश में रहकर पढ़ाई कर रहा है। पिछले साल जनवरी में वह पति को छोड़कर सुनील के साथ रहने लगी। सुनील के साथ वह नई गृहस्थी बसाना चाहती थी लेकिन, इसी बीच वह अपराध की ओर मुड़ गई।
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