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सूर्य ग्रहण आज, मंदिरों के पट हुए बंद

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सूर्य ग्रहण - फोटो : ????? ?????
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झांसी। आषाढ़ कृष्ण की अमावस्या दिन रविवार की सुबह 10 बजकर 18 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा, जो दोपहर दो बजकर पांच मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का सूतक लगने के कारण मंदिरों के पट शनिवार की रात 10 बजे पूजा अर्चना के बाद बंद कर दिए गए। यह पट ग्रहण की समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इससे पहले भगवान की दिव्य विग्रहों का अभिषेक एवं श्रृंगार होगा।
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हिंदू धर्म में ग्रहण को लेकर कई धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यता है। मनुष्य एवं अन्य जीव जंतुओं पर इसका असर पड़ता है। ज्योतिषविद पंडित शांतनू पांडेय ने बताया कि रविवार को कंकण सूर्य ग्रहण है, जिसे चूड़ामणि सूर्य ग्रहण भी कहा जाता है। जो देश के कई हिस्से में नजर आएगा। ज्योतिषीय रूप से यह ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र एवं मिथुन राशि में होगा। शास्त्रों में ग्रहण के दौरान भगवान के जप का, पुण्य प्राप्ति के लिए पवित्र तीर्थों की नदियों में स्नान और दान की महत्ता है। मेष, सिंह, कन्या, मकर राशि वाले जातकों पर ग्रहण का प्रभाव ठीक रहेगा। जबकि वृष, तुला, धनु, कुंभ राशि के लिए सामान्य एवं मिथुन, कर्क, वृश्चिक, मीन राशि के लिए विशेष सावधानी बरतनी की आवश्यकता होगी।
गर्भवती महिलाएं न देखें ग्रहण
धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के दौरान देव मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए। ग्रहण की समाप्ति के बाद नदियों और पानी में गंगाजल को डालकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद दान करने से आर्थिक प्रगति होती है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार गर्भवती महिलाएं ग्रहण को न देखे। सभी लोग गायत्री मंत्र, गुरु मंत्र, नारायण मंत्र का जाप करे। सूतक काल से लेकर ग्रहण समाप्ति तक कोई भी शुभ कार्य न करे और यात्रा करने से भी बचे। किसी भी नई वस्तु की खरीद न करे। इसके अलावा सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से भी न देखे। सूतक से लेकर ग्रहण समाप्ति तक भोजन करने से दूर रहे। हालांकि बच्चे, बुजुर्ग, रोगी एवं गर्भवती स्त्री आवश्यकता अनुसार भोजन ले सकते हैं।
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आर्द्रा नक्षत्र में शुरू होगी आषाढ़ की गुप्त नवरात्र
22 जून आषाढ़ शुक्ल पक्ष सोमवार की सुबह 5: 32 मिनट से आषाढ़ गुप्त नवरात्र आर्द्रा नक्षत्र में शुरू हो जाएंगी। पंचमी एवं छटें की तिथि 26 जून को एक साथ मनाई जाएगी। मंदिरों में पूजा, अनुष्ठान के लिए तैयारियां लगभग हो चुकी हैं।
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