सुजवाह गांव के रहने वाले संजीव परिहार अपनी पत्नी माला के साथ रहते हैं। शादी के कई सालों के बाद भी इनके बच्चा नहीं होने पर उन्होंने 13 साल पहले बाजार से एक नर और एक मादा डॉगी लेकर आए। जिस पर उन्होंने एक का नाम बिट्टू और दूसरे का नाम पायल रख दिया।
मालिक ने दोनों का पालन पोषण बच्चों की तरह किया। 24 अक्तूबर को कुछ आवारा कुत्तों ने बिट्टू और पायल पर हमला कर दिया। जिसमें दोनों ही बुरी तरह से घायल हो गए। घायल अवस्था में दोनों को इलाज के लिए झांसी लाया गया। लेकिन बिट्टू की मौत हो गई।
बिट्टू की मौत से पायल समेत संजीव परिहार काफी सदमें में आ गए। रविवार को बिट्टू की तेरहवीं की गई। इस दौरान गांव के लोगों को भी निमंत्रण दिया गया। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक लोगों ने तेरहवीं भी हिस्सा लेकर भोजन किया। संजीव परिहार ने बताया कि बिट्टू को बच्चें तरह ही पाला था। उसकी मौत से गहरा सदमा हुआ है।