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... ताकि आदत न बन जाए अपराध

Mon, 09 Jul 2018 12:46 AM IST
amarujala
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police, jhansi news - फोटो : demo
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किसी ने मजबूरी तो किसी ने शौक पूरे करने के लिए पहली बार चोरी की और जीआरपी के हत्थे चढ़ गए। ऐसे पंद्रह लोग जिला कारागार में बंद है। ये आदतन अपराधी न बन जाए, इसके लिए जीआरपी इनकी विशेषज्ञों से काउंसलिंग करा रही है। इसके बाद इनकी जमानत जीआरपी ही कराएगी।
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ग्वालियर के रहने वाले दो युवक चोरी के मामले में पकड़े गए थे। शौक पूरा करने के लिए इन्होंने पहली बार स्टेशन पर दो माह पहले चलती ट्रेन से मोबाइल चोरी कर लिया था। जीआरपी ने दोनों को पकड़ कर जेल भेज दिया। घटना के बाद से ही दोनों जेल में बंद हैं। इस तरह से चार अन्य ऐसे युवक हैं, जो पहली बार चोरी कर जेल गए। जीआरपी ने इन सभी को सुधारने के लिए काउंसलिंग कराई, जहां इनकी तरफ से सुधार नजर आने पर जल्द जमानत की तैयारी है। जीआरपी का मानना है कि काउंसलिंग के बाद अपराध से सजा काट रहे यह लोग जेल से बाहर आकर अपनी नई जिंदगी शुरू करेंगे।

जीआरपी सिर्फ उन्हीं बदमाशों की जमानत कराएगी, जिनका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है या फिर उस पर कोई संगीन धाराएं न लगी हो। किसी अपराध में पहली बार पकड़े गए, छोटी-मोटी चोरी को अंजाम देने वालों की जमानत ही जीआरपी कराएगी। जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी देने से पहले काउंसलिंग कराई जा रही है। काउंसलिंग का काम जिला जेल में ही हो रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि किस प्रकार एक छोटी सी गलती की वजह से आर्थिक नुकसान के साथ सामाजिक नुकसान होता है। यदि नहीं सुधरे तो पारिवारिक स्थिति खराब होने का भी भय है।
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एक नजर
- 120 से अधिक ट्रेनें रोजाना स्टेशन से निकलती हैं।
- 18 से 20 हजार यात्रियों का झांसी स्टेशन से ट्रेनों में आवागमन होता है।
- एक या दो लोग रोजाना छोटे अपराध में पकड़े जाते हैं।
- कई बार ऐसे लोग पकड़े जाते हैं, जिनका पहले से कोई आपराधिक इतिहास नहीं होता।

नई जिंदगी कर सकें शुरू
कई बार लोग शौक पूरा करने के लिए अपराध की दुनिया में उतर आते हैं। जेल जाने के बाद यदि उनको सुधारा गया तो इनके बड़ा अपराधी बनने का अंदेशा बना रहता है। ऐसे लोगों की काउंसलिंग कर सुधारने का काम किया जा रहा है, ताकि वह अपराध की दुनिया छोड़ अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकें।
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धर्मेंद्र कुमार, सीओ जीआरपी
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