महानगर में गणेश उत्सव उत्साह एवं भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। कोरोनावायरस से बचाव के कारण पिछले साल की तरह इस साल भी सार्वजनिक गणेश पंडाल नहीं लगाए गए हैं। लेकिन बच्चों एवं अन्य श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही भव्य झांकियां तैयार की हुई हैं। झांकियों को खूबसूरत बनाने के लिए बाल भक्त खिलौना, रंग-बिरंगे गुब्बारों का उपयोग कर रहे हैं।
बुंदेलखंड में सावन एवं भादो में झांकियां सजाने का प्रचलन काफी पुराना है। गणेश उत्सव के पंडाल न सजने के कारण बच्चों का पूरा ध्यान घर में सजाई झांकियों पर ही है। ऐसे में एक बार फिर घर-घर झांकी सजाने की परंपरा दिखने लगी है। झांकियों में प्रकृति की खूबसूरती बाल भक्त अपने-अपने अंदाज में प्रस्तुत कर रहे हैं। शहर के बालभक्त नितिन और सुनील ने बताया कि उन्होंने अपनी झांकियों में बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से सजावट की है।
सदर बाजार स्थित दयानंद सभागार में भगवान गणेश का जन्मोत्सव विधि विधान से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने उनके 108 नामों का पाठ किया। कार्यक्रम में ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य ने कहा कि बजरंगबली और गणेश जी की भक्ति आराधना से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। सचिव आरके गुप्ता ने कहा कि गणेशजी हिंदुओं के आराध्य देवता है। वह प्रकृति के रक्षक हैं। बाल विहार के बच्चों ने मोहक भजन गाए।
मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी का मनाया जन्मोत्सव
शनिवार को मलूक पीठाधीश्वर राजन दास महाराज का जन्मोत्सव मनाया गया। मेहंदी बाग मंदिर में गायों की सेवा की गई और भंडारा कराया गया। राम नाम संकीर्तन के साथ विनय पत्रिका पदों का गायन किया। इसके बाद सुरभि गौ सेवा संकीर्तन यात्रा के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अंचल अडजरिया ने कहा कि हिंदू धर्म के प्रचार प्रसार में मलूक पीठाधीश्वर का अहम योगदान है। इस अवसर पर आचार्य हरिओम पाठक, महंत राम प्रिय दास, महंत प्रेम नारायण दास, अनिल दीक्षित, राम साहू, श्याम प्रधान मौजूद रहे।