झांसी। स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के आखिरी चरण में जमीनी हकीकत परखने केंद्रीय टीम के अगले सप्ताह तक यहां पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए नगर निगम अमला अपनी तैयारियों में जुट गया। सार्वजनिक शौचालयों में सफाई समेत डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था दुरूस्त करने में अफसर जुटे हैं। लोगों में जागरूकता के लिए प्रचार अभियान भी शुरू किए गए हैं।
केंद्रीय शहरी एवं आवास मंत्रालय की ओर से हो रहे स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर केंद्रीय टीम यहां आकर सफाई व्यवस्था संबंधी ब्यौरे जुटाएगी। टीम शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर स्वच्छता संबंधी सवाल करेगी। लोगों के जवाब के आधार पर शहर के अंक तय होंगे। इस बार पांचवे चरण के स्वच्छता सर्वेक्षण को व्यापक करते हुए इसे 6000 अंकों का निर्धारित किया गया है। इनमें से 1500 अंक नागरिक फीडबैक के आधार पर तय होंगे। पहली बार प्रत्येक तिमाही के आधार पर रिपोर्ट भी तैयार हो रही। इसी तरह सीवरेज आदि बिंदूओं को भी पहली बार जोड़ा गया है। टीम के आने से पहले निगम प्रशासन ने अपनी तैयारियां आरंभ कर दी हैं। नवाचार श्रेणी में वेस्ट मैटेरियल से पार्क की सजावट की गई है। प्रभारी अधिकारी अरूण गुप्ता के मुताबिक टीम के अगले सप्ताह आने की उम्मीद है।
लोगों से पूछे जाएंगे यह सवाल-
1- क्या आप अपने शहर का ओडीएफ स्टेटस जानते हैं
2- क्या आप अपने शहर के कचरा मुक्त स्थिति से वाकिफ हैं
3- क्या आप जानते हैं आपका शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में हिस्सा ले रहा
4-अपने शहर की साफ-सफाई के लिए कितने अंक देना चाहेंगे
5-अपने शहर के व्यवसायिक एवं सार्वजनिक स्थानों की सफाई के लिए कितने अंक देंगे
6- क्या आपसे सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग मांगा जाता है
7- सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की सफाई के लिए कितने अंक देंगे
8- आपके शहर में रोड डिवाइडर पर पौधा रोपण हुआ है।
इन चुनौतियों से निपटना होगा मुश्किल
नगर निगम को डोर-टू-डोर कचरा उठाने की व्यवस्था दुरूस्त करनी होगी। कई जगह सार्वजनिक स्थानों पर भी कूड़ा जमा रहता है। इससे आसपास दुर्गंध फैली रहती है। गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखने का कल्चर अभी तक विकसित नहीं हुआ जबकि सबसे अधिक अंक इसमें मिलने हैं। इसी तरह सालिड वेस्ट प्लांट के काम न करने से भी मुश्किलें पेश आएंगी। शहर का कूड़ा डपिंग ग्राउंड में गिराया जा रहा है।
अलीगढ़ से मिली तगड़ी चुनौती
एक से दस लाख आबादी की श्रेणी में झांसी साफ-सुथरे शहर में शुमार होती है लेकिन, दिसंबर में पहली दो तिमाही की जारी रिपोर्ट में अलीगढ़ ने तगड़ी चुनौती पेश की। इसके चलते झांसी को प्रदेश में दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा जबकि देश में 68वें स्थान पर रही। इस बार अंक बढ़ाने की जर्बदस्त चुनौती रहेगी। दिसंबर में जारी प्रथम दो तिमाही के परिणाम में पहली तिमाही में 1249.84 अंक जबकि दूसरी तिमाही में 998 अंक झांसी को मिले थे।