झांसी। महानगर में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी कोरोना जांच और स्क्रीनिंग में लापरवाही हो रही है। हालात यह हो चले हैं कि कोरोना के सबसे ज्यादा केस दिल्ली और मुंबई में हैं। वहां से यात्रियों की झांसी में खूब आवाजाही हो रही है, लेकिन जांच के नाम पर ढिलाई हो रही है। ऐसे में महानगर के लिए खतरा बढ़ रहा है।
बीते 15 दिन में झांसी में कोरोना के 28 मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमण को रोकने के लिए महानगर के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर जांच के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत रेलवे स्टेशन पर जांच टीम भी पहुंच रही है, लेकिन फिर भी यात्रियों की जांच ठीक से नहीं हो पा रही है। वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन पर रोज मुंबई से 15 और दिल्ली से 30 ट्रेनें आती हैं। इन ट्रेनों में रोज प्रतिदिन तकरीबन पांच हजार यात्री उतरते और चढ़ते हैं। मगर स्टेशन पर कोरोना जांच टीम के पास अव्वल तो टेस्टिंग किट इतनी नहीं होतीं, दूसरा तमाम यात्री जांच टीम को चकमा देकर निकल जाते हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान कोविड टेस्टिंग बूथ पर आरपीएफ पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन वह भी अब नजर नहीं आ रहे हैं। सोमवार को रेलवे स्टेशन की कोरोना जांच डेस्क पर कोई टीम नहीं थी। साथ ही यात्री बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग आ जा रहे हैं।
जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम आ रही है। रेलवे कोरोना संक्रमण को लेकर बेहद सतर्कता बरत रहा है। मास्क नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है।