फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: बरसात में खुले आसमान तले पढ़ाई

विज्ञापन
विज्ञापन
मनोज कुमार
विज्ञापन

लुहारी। विकासखंड बंगरा की ग्राम पंचायत अड़जार के संतपुरा स्थित परिषदीय विद्यालय में कमरों के अभाव का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। एक ही कमरे में दो-दो कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जबकि कई बच्चों को खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बरसात के मौसम में सांप और अन्य विषैले जीव-जंतुओं का खतरा भी बच्चों की चिंता बढ़ा रहा है।
जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित इस विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक कुल 141 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय में आठ शिक्षक, तीन शिक्षामित्र और एक अनुचर तैनात हैं लेकिन पर्याप्त कक्ष नहीं हैं। पुराना विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण शिक्षा विभाग ने उसे निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया है। फिलहाल तीन-चार कमरों वाले नए भवन में ही सभी कक्षाओं का संचालन हो रहा है। कमरों की कमी के चलते एक-एक कक्ष में दो-दो कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जबकि अन्य बच्चों को खुले में बैठाकर पढ़ाया जाता है।
विज्ञापन

प्रधानाध्यापक महेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि पुराने भवन को ध्वस्त करने के आदेश जारी हो चुके हैं। नए भवन के निर्माण के बाद ही समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी बंगरा वेदप्रकाश ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। संवाद

स्थानीय लोगों ने उठाई भवन निर्माण की मांग
कुछ दिन पहले विद्यालय परिसर में सांप और अन्य जहरीले जीव निकलने की घटनाओं के बाद बच्चों में भय का माहौल बन गया था। कई छात्र-छात्राएं विद्यालय आने से भी कतराने लगे थे। - गौरीशंकर, ग्रामीण
जर्जर भवन को जल्द ध्वस्त कर नया विद्यालय भवन बनाया जाए, ताकि प्रत्येक कक्षा अलग कमरे में संचालित हो सके और बच्चों को सुरक्षित व बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। - देवेंद्र सिंह राजावत, ब्लाॅक अध्यक्ष, किसान यूनियन

इनसेट
स्कूल के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन, गांव की बिजली काट रहा विभाग
गरौठा। विकासखंड गुरसराय के प्राथमिक विद्यालय गुढ़ा के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन अब भी नहीं हटाई गई है। 23 जुलाई को लाइन का तार टूटकर विद्यालय परिसर में गिर गया था। उस समय विद्यालय में शिक्षक और करीब 40 बच्चे मौजूद थे। गनीमत रही कि तार आंगन में गिरा, जिससे बड़ा हादसा बच गया।
विज्ञापन

ग्रामीणों का आरोप है कि लाइन हटाने के बजाय बिजली विभाग ने सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद करनी शुरू कर दी है। ग्राम प्रधान चंद्रभान सिंह ने बताया कि विद्यालय की छुट्टी होने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल की जाती है। ग्रामीणों ने विद्यालय के ऊपर से बिजली लाइन हटाने की मांग की है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें