परिवार कल्याण सेवाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 में नसबंदी कराने में झांसी जनपद ने फिर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। वहीं, मिनीलैस नसंबदी में भी झांसी की डॉक्टर ने बाजी मारी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक अमित घोष के निर्देशन में एनएसजी, मिनीलैस, पीपीआईयूसीडी के केसों को लेेकर एक रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में किस डॉक्टर ने किसने केस किए हैं, इसका उल्लेख किया गया है। लैप्रोस्पोप और मिनीलैस विधि के जारिए महिला नसबंदी कराई जाती है। झांसी की डॉक्टर डा. पुष्पलता वर्मा ने सर्वाधिक मिनीलैस नसबंदी करने में बाजी मार ली है। इसके लिए उन्हें प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है। वहीं, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के बी चौधरी को पीपीआईयूसीडी लगाने के लिए सांत्वना पुरस्कार मिला है। अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद कुमार यादव समेत दोनों डॉक्टरों को 24 जुलाई को लखनऊ में स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। सीएमओ ने विभाग के लिए इसे बड़ी उपलब्धि बताया है। वहीं, जिला कम्यूनिटी प्रोसेस प्रबंधक प्रशांत वर्मा का कहना है कि नसबंदी कराने में आशाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है।