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स्टेशन का नाम रानी के नाम से होने से हर झांसी वाले का बढ़ेगा गौरव

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झांसी। प्रदेश सरकार ने झांसी के रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन रखे जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा है। सरकार के इस कदम से झांसी के निवासी अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, उनका ये भी कहना है कि इसमें हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अफसरों को इस मुद्दे की केंद्र में पैरोकारी करनी चाहिए।
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झांसी में रेलवे स्टेशन की स्थापना एक जनवरी 1889 को हुई थी। तब से ही इसे झांसी रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाता है। लेकिन, लंबे समय से आमजन स्टेशन का नाम रानी के नाम पर रखे जाने की मांग कर रहा था। लोगों का कहना था कि झांसी की पहचान रानी से ही है। देश में कहीं भी झांसी नाम जुबां पर आने पर खुद ब खुद लोगों के जेहन में रानी लक्ष्मीबाई की गौरव गाथा की तस्वीरें ताजा हो जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से एक साल पहले कवायद शुरू की गई थी। केंद्र ने प्रदेश सरकार से इस पर राय मांगी थी। हाल ही में इस दिशा में बड़ी पहल हुई है। प्रदेश सरकार की ओर से झांसी स्टेशन का नाम बदलकर रानी लक्ष्मीबाई स्टेशन रखे जाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इससे लोग बेहद खुश हैं। हालांकि, उनका ये भी कहना है कि अब इस मुहिम को शांत नहीं पड़ना चाहिए। अफसर और जनप्रतिनिधियों को मिलकर केंद्र में नाम बदलने की तगड़ी पैरोकारी करनी चाहिए।
झांसी की पहचान रानी से ही है। झांसी का नाम देश में कहीं भी लें, लोगों की जुबान पर अपने आप ही रानी का नाम आ जाता है। रानी के नाम पर स्टेशन का नाम रखे जाने से झांसी का गौरव और भी बढ़ जाएगी।
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- संदीप सरावगी, समाजसेवी
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई पूरी दुनिया में नारी अस्मिता की प्रतीक हैं। झांसी के रेलवे स्टेशन के नाम उनके नाम पर रखकर नारी शक्ति को सम्मान देने का काम किया जाएगा। बगैर देर किए स्टेशन का नाम बदला जाना चाहिए।
- डा. एसके साहू, शिक्षक
लंबे समय से जन आकांक्षाएं थीं कि रानी के नाम पर झांसी के स्टेशन का नाम हो। अब इस दिशा में सकारात्मक पहल हुई है। लेकिन, इसे ठंडा नहीं पड़ना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को आगे आकर नाम बदलवाना चाहिए।
- शिवकुमार पाराशर, शिक्षक
स्टेशन का नाम बदले जाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार से केंद्र सरकार के पास पहुंच गया है। बुंदेलखंड के सभी नेताओं को इस मसले पर एकजुट होकर केंद्र में तगड़ी पैरोकारी कर स्टेशन का नाम बदलवाना चाहिए।
- श्याम चौरसिया, कर्मचारी
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाया था। स्वराज्य की खातिर पहला संग्राम झांसी की धरती पर ही हुआ था। स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखकर वीरांगना को श्रद्धांजलि देने का काम किया जाएगा।
- रवि मोहन माथुर, अधिवक्ता
स्टेशन का नाम रानी के नाम पर रखे जाने को लेकर परिस्थितियां सकारात्मक बन चुकी हैं। अब इसमें कोताही नहीं होनी चाहिए। नाम बदलवाने को लेकर जिम्मेदारों को आगे बढ़कर पहल करनी चाहिए।
- नितिन चौरसिया, शिक्षक
नाम बदले जाने के साथ स्टेशन परिसर में रानी की गौरव गाथा को दर्शाती हुई स्थायी गैलरी भी बनाई जानी चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले यात्री उनके बारे में अधिक से अधिक जान सकें। इससे पर्यटन भी बढ़ेगा।
- राजीव नायक, अधिवक्ता
रानी के नाम पर स्टेशन का नाम रखे जाने की पहल शानदार है। यहां से गुजरने वाले यात्री रानी और झांसी के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं। यात्रियों को संक्षेप में रानी से जुड़ा साहित्य भी उपलब्ध कराना चाहिए।
- अभिषेक खरे, शिक्षक
डेढ़ सौ साल बाद भी रानी का नाम हर झांसी वाले का पूरे देश में मान बढ़ाने का काम करता है। स्टेशन का नाम उनके नाम से किए जाने से झांसी ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड का हर नागरिक गौरवान्वित महसूस करेगा।
- मनीष चतुर्वेदी, शिक्षक
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई झांसी के कण-कण में बसतीं हैं। उनके नाम से स्टेशन का नाम होने से झांसी को अलग पहचान मिलेगी। जनप्रतिनिधियों को केंद्र में पहल करते हुए नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करानी चाहिए।
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- कुमार वैभव तिवारी, अधिवक्ता
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