झांसी। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेल महकमा ट्रैक को अत्याधुनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से जोड़ने की कवायद में जुटा है। झांसी मंडल के 28 स्टेशन अत्याधुनिक कंप्यूटरीकृत इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से जोड़े जा चुके। चार विभिन्न रेल सेक्शन के बीच यह काम चल रहा है। रेल अफसरों के मुताबिक इंटरलॉकिंग सिस्टम तैयार होने से ललितपुर-खजुराहो रेलखंड के बीच ट्रेन की रफ्तार 70 किमी से बढ़कर 100 किमी प्रतिघंटे हो गई। अन्य रेल खंड में काम पूरा होने पर गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ट्रेन की रफ्तार में सिग्नल सबसे अहम होता है। अभी कई जगह ऐसा सिग्नल सिस्टम काम कर रहा जिसमें रेल कर्मचारी को प्वांइट पर जाकर सिग्नल देना होता है। इससे ट्रेन की गति प्रभावित होती है। अब रेलवे इसे अत्याधुनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से बदलने की कवायद में जुटा है। इसकी मदद से स्टेशन मास्टर कक्ष में लगे पैनल का बटन दबाते ही सिग्नल खुद बदल जाएगा। पिछले वित्तीय वर्ष में वीरागंना लक्ष्मीबाई से कानपुर खंड के पांच स्टेशन, धौलपुर से बीना के बीच आठ स्टेशन, रायरू- झांसी के बीच दो स्टेशन एवं ग्वालियर में आरआइआई, बिजरौठा-ललितपुर के बीच काम पूरा हो गया। अभी झांसी से सतना ट्रैक, मानिकपुर समेत अन्य रेलखंड पर काम चल रहा है। ललितपुर से जोरान के बीच रेलखंड में भी काम तेजी से चल रहा है। रेल अफसरों के मुताबिक जिन सेक्शन में यह काम पूरा हुआ है वहां गाड़ी की रफ्तार 50 से बढ़कर 110 किमी प्रतिघंटे हो गई। ललितपुर-खजुराहो के बीच भी ट्रेन की रफ्तार बढ़ गई। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह का कहना है विभिन्न सेक्शनों में यह काम तेजी से हो रहा है। कुछ महीने पहले बानमोर स्टेशन की तीसरी लाइन को नई अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग से जोड़ा गया। इससे ट्रेन की रफ्तार बढ़ने में मदद मिलेगी।