सेशनल परीक्षा स्थगित कर कार्यक्रम की अनुमति देने का विरोध कर रहे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को सपाइयों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इससे परिसर में भगदड़ मच गई। सूचना पर अभाविप के सैकड़ों कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंच गए।
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और सपा छात्रसभा व एनएसयूआई के कार्यकर्ता आमने- सामने आ गए। सेशनल परीक्षा स्थगित कर कार्यक्रम की अनुमति देने का विरोध कर रहे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को सपाइयों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इससे विवि परिसर में भगदड़ मच गई। सूचना पर अभाविप के सैकड़ों कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंच गए। उन्होंने कार्यक्रम से लौट रहे पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य को साढ़े तीन घंटे तक घेरे रखा। इस दौरान कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर उनके पोस्टर पर स्याही भी फेंकी गई। करीब साढ़े चार घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस प्रशासन ने किसी तरह स्थिति को संभाला। इस मामले में एबीवीपी कार्यकर्ताओं की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व मंत्री प्रदीप जैन व पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव समेत 11 नामजद और दौ सौ अज्ञात पीडीए कार्यकर्ताओं के खिलाफ दंगा फैलाने समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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बीयू गेट बंद करने को लेकर तनातनी
- फोटो : सोशल मीडिया
विरोध पर परिसर के अंदर एबीवीपी कार्यकर्ताओं की पिटाई
सपा छात्रसभा ने बीयू प्रशासन की अनुमति पर कृषि विभाग के सभागार में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें सपा छात्रसभा और एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के करीब 300 छात्र शामिल हुए। जब इसकी भनक अभाविप कार्यकर्ताओं को लगी तो उन्होंने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम के कारण सेशनल परीक्षा स्थगित कर दी गई है, जो कि गलत है। इस दौरान अभाविप के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट बंदकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच कार्यक्रम से लौट रहे सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण यादव से अभाविप के कार्यकर्ताओं की बहस होने लगी। विवाद बढ़ने पर उग्र हुए सपा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने परिसर के अंदर अभाविप के कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी। इस दौरान अभाविप का कार्यकर्ता श्याम शर्मा पिटाई के बाद बेहोश हो गया। उसका मेडिकल कॉलेज में इलाज किया गया।
पुलिस छावनी में तब्दील बीयू
- फोटो : अमर उजाला
आस-पास से बुलाया गया पुलिस फोर्स
वहीं, समर्थकों की मदद से सपा के पूर्व विधायक किसी तरह मौके से चले गए लेकिन पूर्व मंत्री व कांग्रेसी नेता प्रदीप जैन को जाने नहीं दिया गया। अभाविप कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए। इस बीच, विवि के सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई भी हुई। सैकड़ों अभाविप कार्यकर्ताओं ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वे साथियों की पिटाई करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। हंगामा बढ़ता देख आस-पास से पुलिस फोर्स बुलाया गया और कुछ ही देर में बीयू पुलिस छावनी में तब्दील हो गई।
नारेबाजी कर बाहर निकलते सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता
- फोटो : सोशल मीडिया
11 नामजद सहित 200 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बीयू में हुए बवाल के मामले में कोछाभांवर निवासी अभाविप कार्यकर्ता शिवम भास्कर की तहरीर पर नवाबाद पुलिस ने पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व विधायक दीप नारायण यादव समेत जिशान रजा, धीरज यादव, शैलेंद्र बसेला, नरेश यादव उर्फ बब्बा, अमन यादव, अंकित यादव, सुधेश यादव ऋषभ यादव, विश्व प्रताप यादव समेत दौ सौ अज्ञात पीडीए कार्यकर्ताओं के खिलाफ दंगा फैलाने समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दूसरी तरफ सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष विश्व प्रताप यादव की ओर से भी नवाबाद थाने में शिकायत की गई है। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी निकाली गई है।
साढ़े चार घंटे तक अखाड़ा बना रहा विश्वविद्यालय परिसर
बीयू परिसर में अभाविप का करीब साढ़े चार घंटे तक विरोध-प्रदर्शन चलता रहा। बीयू प्रशासन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तैयार न होने की वजह से कार्यकर्ता उग्र रहे। अभाविप पदाधिकारियों का तर्क था कि वह विवि के छात्र हैं और परिसर में उन्हें पीटा गया है। इसलिए इस मामले में बीयू प्रशासन दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए। धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी के दौरान अभाविप की प्रदेश मंत्री शिवा राजे बुंदेला ने उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। शाम करीब साढ़े चार बजे चीफ प्रॉक्टर की तरफ से पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया। इसमें कहा गया है ‘10 अक्तूबर की दोपहर लगभग 1:30 बजे विवि के मुख्य द्वार पर विवि के छात्रों के साथ बाहरी तत्वों की ओर से किसी विवाद को लेकर मारपीट की गई है। इस घटना के कारण विवि की शांति व्यवस्था भंग हुई तथा विवि में आवागमन बाधित हुआ है। जब पत्र शिवा राजे बुंदेला को मिला तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए बीयू के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कराने से इन्कार कर दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बताया कि अब अभाविप कार्यकर्ता अपने स्तर से रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
घायल छात्र से मिलते विधायक जवाहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
जब गर्दन फंसी तो मुकर गया बीयू प्रशासन
बुंदेलखंड विवि परिसर में आयोजित कार्यक्रम की अनुमति को लेकर छिड़े विवाद के बाद विवि के जिम्मेदार आयोजन की अनुमति न देने की बात कह रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुष्पांजलि कार्यक्रम में सपा और कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए थे। उनका कहना है कि बीयू प्रशासन की अनुमति के बाद ही आयोजन किया गया। अनुमति नहीं होती तो कार्यक्रम नहीं होता।
कार्यक्रम के लिये सेशनल परीक्षा स्थगित
अभाविप की प्रदेश मंत्री शिवा राजे बुंदेला ने बीयू प्रशासन पर पठन-पाठन कराने के बजाय राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीयू प्रशासन ने इस कार्यक्रम को कराने के लिए कृषि विभाग की शुक्रवार को होने वाली सेशनल परीक्षा स्थगित कर दी, जो नियम विरुद्ध है। जब इस आरोप की भनक बीयू प्रशासन को लगी तो अपनी गर्दन फंसती देख अधिकारी बचाव का रास्ता निकालने लगे।
दूसरी ओर, बीयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके सैनी का कहना है कि 29 सितंबर को सपा छात्रसभा ने कुलपति से गांधी सभागार में कार्यक्रम कराने की अनुमति मांगी थी। कुलपति कार्यालय से उन्हें पत्र भेजा गया था। उन्होंने गांधी सभागार देने से इन्कार कर कृषि विभाग के सभागार में कार्यक्रम के लिए कहा था। इस संबंध में कृषि विभाग के समन्वयक डॉ. जेके बबेले को पत्र भेज दिया गया था। इसके बाद ही कार्यक्रम हुआ है। वहीं, कुलसचिव ज्ञानेश कुमार शुक्ला का कहना है कि मेरे पास अनुमति के बाबत कोई पत्र नहीं आया था। पता चला है कि लिखित में कोई अनुमति नहीं दी गई है। वहीं, कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय का कहना है कि कार्यक्रम के लिए लिखित में कोई अनुमति नहीं दी गई है। परिसर में सपा छात्रसभा का कोई कार्यक्रम हुआ ही नहीं है।
यह बोले अनुमति दी गई थी
सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण यादव का कहना है कि बीयू की अनुमति के बाद ही कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य का कहना है कि बीयू प्रशासन ने सपा छात्रसभा को कार्यक्रम की अनुमति दी थी। इसके बाद ही सपा व कांग्रेस नेताओं के साथ सपा छात्रसभा व एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था।