अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती महिला को खून चढ़ाते समय एक्सरे के लिए बिना वार्ड ब्वॉय भेजने के मामले में कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार को आउटसोर्स के तीन नर्सिंग स्टाफ की सेवा खत्म कर दी। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर स्वास्थ्य-चिकित्सा मंत्री पर ‘नामपट्टी तक सीमित’ लिखकर तंज कसा है। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने जांच आगे बढ़ा दी है, जिससे अन्य कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है।
छतरपुर निवासी राजू नायक की पत्नी शकुंतला की आंत संक्रमण की वजह से कम काम कर रही थी। तीन मई को तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उन्हें भर्ती किया गया। जांच के बाद वार्ड नं. दो के बेड नंबर तीन पर भर्ती किया। आठ मई को खून चढ़ाया गया, तभी एक्सरे के लिए बिना वार्ड ब्वॉय के रेडियोलॉजी विभाग में भेज दिया। महिला के करीब नौ साल के बेटे सौरभ को खून की थैली पकड़ा दी और परिजनों को स्ट्रेचर। परिजन स्ट्रेचर खींचकर ले गए और बेटा खून की थैली पकड़े रहा। यह दृश्य अमर उजाला ने रविवार को प्रकाशित किया था।
प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह ने एसआईसी डॉ. सचिन माहुर से जांच कराई। इसके बाद सिस्टर इंचार्ज सोनिया कासिफ व स्टाफ नर्स (नियमित) पुष्पा को नोटिस थमाकर वेतन रोकने के आदेश दिए। स्टाफ नर्स (आउटसोर्स) पूजा भट्टा व चतुर्थ श्रेणी कर्मी लक्ष्मी की सेवा समाप्त कर दी। चतुर्थ श्रेणी कर्मी रोशन (नियमित) को निलंबित कर दिया। मंगलवार को आउटसोर्स के तीन और नर्सिंग स्टाफ रामानुज, नेहा सविता और सपना यादव की सेवाएं खत्म कर दी गईं।
वहीं, यह मामला उस समय राजनीतिक रंग ले लिया, जब सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करते हुए स्वास्थ्य-चिकित्सा मंत्री पर तंज कसा। इससे मेडिकल कॉलेज में हलचल मच गई। कॉलेज प्रशासन ने जांच और बढ़ा दी है, जिससे अन्य कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। एसआईसी डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि मंगलवार को जांच के बाद आउटसोर्स के तीन और नर्सिंग स्टाफ की सेवा समाप्त कर दी है। जांच अभी जारी है, अन्य पर भी कार्रवाई संभव है।
0- सिस्टर इंचार्जों को दिए दिशा-निर्देश
झांसी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह और एसआईसी डॉ. सचिन माहुर ने बैठक करके सिस्टर इंचार्जों को दिशा-निर्देश दिए। स्पष्ट कहा कि न सिर्फ उपचार बल्कि रोगी के शिफ्टिंग के दौरान भी वार्ड ब्वॉय को भेजना सुनिश्चित किया जाए। ब्यूरो