झांसी। निबंधन विभाग द्वारा शिकंजा कसे जाने के बाद आधा दर्जन व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्टांप ड्यूटी अदा करने को आगे आए हैं। इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठानों ने विभाग को स्पष्टीकरण भेजा है।
व्यावसायिक उपयोग के लिए किराये पर भवन लेने के एवज में शासन द्वारा निर्धारित स्टांप ड्यूटी अदा करनी जरूरी है। उत्तर प्रदेश रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत किरायेदारी के अभिलेखों का संबंधित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण कराना भी अनिवार्य है। लेकिन, स्टांप ड्यूटी बचाने के चक्कर में तमाम बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस नियम को ताक पर रखे हुए हैं। निबंधन विभाग ने ऐसे दो दर्जन चिह्नित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए थे। साथ ही मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी थी। इसका खासा असर देखने को मिला है।
आधा दर्जन प्रतिष्ठानों ने स्टांप ड्यूटी अदा करने को विभाग का दरवाजा खटखटाया है। विभाग को ढाई लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी मिल भी गई है। विभाग को बीस लाख रुपये का राजस्व और मिलने की संभावना है। इसके अलावा शेष अन्य प्रतिष्ठानों ने विभाग के समक्ष स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन एके पासवान ने बताया कि स्टांप ड्यूटी अदा न करने वाले अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी चिह्नित किए जा रहे हैं। उन्हें भी जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे।