solver gang information givin by student to police
झांसी। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश छात्रों ने ही कराया था। पेपर लीक होने के बाद स्वयं छात्रों ने एसएसपी को फोन कर बताया कि सर यहां एक स्थान से पेपर लीक हो रहा है, प्लीज आप उसे पकड़ लें। जानकारी मिलते ही आईजी सुभाष सिंह बघेल व एसएसपी डी प्रदीप कुमार ने गोपनीय टीम गठित कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। देवरिया से गिरफ्तार कर झांसी लाए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद झांसी के सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
महानगर में पेपर लीक कर सॉल्व कॉपी छात्रों तक पहुंचाने वाले गिरोह का खुलासा होने से हड़कंप मचा है। जिले में आरोपी राम अवतार, अभय सेन व राज गुप्ता साल्व कॉपी छात्रों तक बेचने का रैकेट चला रहे थेे। अधिकारियों व पुलिस की टीम ने प्रेमनगर क्षेत्र के एक कॉलेज में दबिश देकर दो छात्रों को इंटरमीडिएट की परीक्षा देेते कपड़ा था। इनके पास से पुलिस ने लीक प्रश्न पत्र व सॉल्व कॉपी भी बरामद की थी। इसके बाद रामअवतार, अभय व राज गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी। पूछताछ के दौरान पता चला कि यह पूरा नेटवर्क देवरिया जिले के एक कॉलेज से संचालित हो रहा है। खबर मिलने के बाद आईजी व एसएसपी के निर्देश पर एसओजी टीम ने इलाके में दबिश देकर शालू खातून शाकिब अली और एक नाबालिग बालिका को पकड़ा था। तीनों बिहार के सिवान जिले के गुठनी थानाक्षेत्र के डड़ैला गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ में तीनों ने बताया था कि झांसी के थाना प्रेेमनगर के रेलवे कॉलोनी निवासी चंद्रशेखर झांसिया को पकड़ा। जो रैकेेट का सरगना बताया गया है। पुलिस ने दबिश देकर देर रात उसे भी उठाया था। पकड़ी गईं शालू, साकिब व एक नाबालिग सॉल्व कॉपी तैयार कर उसे व्हाट्सएप के जरिए रेलकर्मी के पास पहुंचाते थे। यहां रेलकर्मी साथी छात्र राम अवतार, अभय सेन व राज गुप्ता को बुलाकर ब्लूटूथ व हाइक मैसेंजर से पेपर व सॉल्व कॉपी देते थे। शनिवार शाम एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव, सहायक पुलिस अधीक्षक साद मियां खान, सीओ सिटी संग्राम सिंह, प्रेमनगर थाना प्रभारी आशीष मिश्रा व एसओजी प्रभारी शैलेंद्र सिंह मामले की पड़ताल में जुटे रहे। प्रभारी निरीक्षक आशीष मिश्रा ने बताया कि चारों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
फेसबुक से दोस्ती के बाद झांसी में पहुंचने लगे लीक पेपर
देवरिया से गिरफ्तार हुई शालू व झांसी में रहने वाले रेलकर्मी आपस में दोस्त है। एक साल पहले दोनों के बीच फेसबुक से दोस्ती हुई थी। दोस्ती व बातचीत के सिलसिले में शालू ने पेपर लीक होने वाली बात बताई। इसे सुनकर रेलकर्मी के मन में लालच जाग गया। इसके बाद फोन पर इस सिलसिले में बात होने लगी। विश्वास दिलाने के लिए यूपी बोर्ड की परीक्षा से एक दिन पहले उसके पास लीक पेपर व सॉल्व कॉपी भेजी गई। इसके बाद जब पहला पेपर हुआ और उसमें भी हुबहू सवाल आते देख रेलकर्मी दंग रह गया। इसके बाद राम अवतार, अभय सेन व राज गुप्ता से लीक पेपर व सॉल्व कॉपी छात्रोें तक पहुंचाने का सिलसिलसा शुरू हो गया।