झांसी। सिंचाई का खर्च कम करने के लिए किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे। पीएम किसान कुसुम योजना के जरिए 5 एचपी क्षमता के यह पंप सब्सिडी पर किसानों को मिलेंगे। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ हो गई है। यहां प्रथम चरण में कुल 15 सोलर पंप दिए जाने हैं।
जिन इलाकों में सिंचाई की आवश्यकता अधिक है वहां किसानों को डीजल एवं बिजली पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। ऐसे में उनकी उपज की लागत भी बढ़ जाती है। इसे घटाने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम कुसुम योजना आरंभ की। इसके अंर्तगत किसान अपनी भूमि पर सौर ऊर्जा आधारित सोलर पंप स्थापित कर सकेंगे। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर किसान कमाई भी कर सकते हैं। इन पंप के जरिए बिना डीजल एवं बिजली के भी खेतों में सिंचाई किया जा सकेगा। बाजार में इसकी कीमत करीब तीन लाख बताई जा रही। इसमें केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार मिलकर दो लाख अनुदान देंगी जबकि किसानों को 94764 रुपये चुकाने होंगे। योजना में पंजीकृत होने के लिए उनको पहले बैंक ड्राफ्ट जमा करना होगा। डीडी कृषि कमल कटियार के मुताबिक झांसी के लिए 15 सोलर पंप दिए जाने हैं। इसकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
डीजल के बढ़ते दाम से मिलेगी राहत
सोलर पंप के जरिए सिंचाई करने वाले किसानों को रोजाना बढ़ रहे डीजल एवं बिजली के बिल से राहत मिल सकेगी हालांकि सोलर पंप काफी कम संख्या में भेजे जा रहे हैं। गिने-चुने किसानों को ही इसका फायदा मिल पा रहा। नेडा में भी सोलर पंप के लिए सैकड़ों की संख्या में किसानों के आवेदन लंबित पड़े हैं।