घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) का लक्ष्य 31 दिसंबर तक पूरा नहीं हो सका है। जिस कंपनी को यह जिम्मा दिया गया था उसे अब काम समेटने के लिए कह दिया गया है। जनपद में 57 मजरे ऐसे चुने गए हैं, जहां खंभा लगाकर ढांचा स्थापित करना विभाग के लिए महंगा साबित हो रहा है। इस कारण विभाग ऐसे मजरों को सोलर प्लांट लगाकर रोशन करने की तैयारी कर रहा है।
केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना के तहत जनपद में 86576 कनेक्शन लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जनपद के 738 गांव और 1174 मजरों के सभी छूटे घरों में बिजली पहुंचनी थी। अप्रैल में नागपुर की ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड कंपनी को कनेक्शन लगाने का काम दिया गया। इस कंपनी को लक्ष्य पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया था। मगर, चुनावी कारणों के चलते कंपनी को दिसंबर में ही लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। कंपनी ने विभाग की मदद से लोगों को जागरूक करने के लिए 1302 स्थानों पर कैंप भी लगाए। मगर, कंपनी 31 दिसंबर तक 49556 कनेक्शन ही लगा सकी।
विभाग ने जनपद को सौभाग्यशाली घोषित कर कंपनी से पैकप (काम खत्म) करने के लिए कह दिया है।
दरअसल, जनपद के कई गांव ऐसे हैं, जहां लोग एक किलोमीटर के विस्तारित क्षेत्र में रहने लगे हैं। कई मजरे भी इसी दूरी पर स्थापित हैं। इन घरों तक विभाग के लिए खंभा और तार डालकर बिजली देना महंगा साबित हो रहा है। दूसरा, तमाम प्रयासों के बाद ही सैकड़ों लोगों ने कनेक्शन लेने में रुचि नहीं दिखाई। विभाग ने अब 57 ऐसे मजरों को चिह्नित किया है, जो गांव से एक से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। इन गांवों में खंभा लगाकर विद्युतीकरण करने की जगह सोलर प्लांट लगाकर घरों को रोशन किया जाएगा। साथ ही, जो लोग छूट गए हैं, उनको सौभाग्य योजना में ही आवेदन करने पर कनेक्शन मिलता रहेगा।
‘जहां पर बिजली का नेटवर्क नहीं है वहां फरवरी तक लाइट पहुंचाने का काम चलता रहेगा। साथ ही 57 ऐेसे मजरे चिह्नित किए गए हैं, जहां बिजली पहुंचाना बहुत महंगा साबित हो रहा है। इन मजरों में सोलर प्लांट से बिजली देने की तैयारी चल रही है। प्रस्ताव बनाकर आगरा मुख्यालय भेज दिया गया है।’
नन्नू सिंह, प्रभारी अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण)।
यह है योजना
गरीबों को मुफ्त और सामान्य नागरिकों को पांच सौ रुपये में एक किलोवाट भार का कनेक्शन मिल रहा है। कनेक्शन लेने के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, वाहन लाइसेंस अथवा बैंक एकाउंट में एक परिचय पत्र होना जरूरी है। कनेक्शन के साथ मीटर, केबल, बीपीएल किट (एलईडी बल्ब, बोर्ड, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, एमसीवी, तीन मीटर वायरिंग) निशुल्क मिल रही है।
यह होते हैं मजरा
गांवों के एक से दो किलोमीटर के क्षेत्र में ऐसी जगह जहां पचास से कम परिवार घर बनाकर रह रहे हैं, उनको मजरा कहा जाता है। जनपद में 1174 मजरे हैं।