झांसी। सोशल मीडिया पर कोरोना की अफवाहों को रोकने के लिए पुलिस ने नकेल कसना शुरू कर दी है। करीब एक हजार आईडी चिह्नित की हैं जिनसे फर्जी संदेश जारी हो रहे हैँ। इनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई होगी। उधर, पुलिस सटीक व सही सूचना देने वाले को पुरस्कृत करेगी।
कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर खूब अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। कभी किसी मोहल्ले में किसी के संक्रमित होने तो किसी के विदेश से आने की सूचनाएं सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से पोस्ट हो रही हैं। लोग तरह-तरह के पोस्ट कर रहे हैं। कई लोग पुलिस के मारपीट के वीडियो झांसी से जोेेड़कर धड़ल्ले से पोस्ट कर रहे हैं। जिले में सैकड़ों की तादाद में ग्रुप चल रहे हैं। इन ग्रुपों पर जमकर अफवाह फैलाने का काम किया जा रहा है।
सैकड़ों संदेश बाहरी शहरों से आकर जमकर फॉरवर्ड हो रहे हैं, जो लोगों के बीच दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं। कभी किसी की मौत तो कभी किसी को कोरोना से बीमार होकर भर्ती होना बताया जा रहा है। इन पोस्टों के बाद पुलिस के पास भी फोन पहुंच रहे हैं। पुलिस भी चकरघिन्नी बनी हुई है। एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव नेे भी कार्रवाई के सख्त निर्देश थानेदारों को दिए हैं। उनका कहना है कि फर्जी पोस्ट करने वालों पर पुलिस की निगाह हैं, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जो सटीक सूचना दे रहे हैं। ऐसे लोगों को पुलिस पुरस्कृत करने का काम करेगी। इन अफवाहों को लेकर पुलिस तक शिकायतें पहुंचने लगी हैं। पुलिस के आईटी सेल ने एक हजार फर्जी आईडी चिह्नित की हैं।
इन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई
आईपीसी की धारा 188 सरकारी नियमों का उल्लंघन करना। सजा और जुर्माना
आईपीसी की धारा 269 उपेक्षा पूर्ण कार्य करना, जिससे कि कोई बीमार हो जाए। छह माह की सजा एवं जुर्माना।
आईपीसी की धारा 270 जानबूझकर ऐसे कृत्य करना, जिससे दूसरे को नुकसान पहुंचे दो साल तक की सजा और जुर्माना।
आईपीसी की धारा 153 मतभेद फैलाना एक साल तक की कैद और जुर्माना।
सोशल मीडिया पर सोच समझकर पोस्ट करें। फर्जी मेसेज पोस्ट कर अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है, इसके बाद पुलिस कार्रवाई करेगी। अफवाहों को देखते हुए साइबर सेल व सोशल मीडिया को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
राहुल श्रीवास्तव, एसपी सिटी