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रिश्तों में दरार डालने का काम कर रहा सोशल मीडिया

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social media.jpg - फोटो : social media.jpg
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झांसी। पति-पत्नी के सात जन्मों के बंधन में सोशल मीडिया दरार डालने का काम कर रहा है। महिला थाने में आने-वाले ज्यादातर मामलों में पति या पत्नी के दिन भर व्हाट्सएप व फेसबुक चलाने के साथ ही ऑनलाइन रहने की शिकायतें पहुंच रही हैं। हर माह थाने में ऐसे पंद्रह से बीस मामले पहुंच रहे हैं।
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कोतवाली इलाके में रहने वाली एक युवती ने परिवार परामश केंद्र में शिकायत करते हुए बताया कि पिछले नवंबर में उसकी शादी हुई थी। अब पति उनको कम सोशल मीडिया को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। दिन भर उनके पति ऑनलाइन रहकर व्हाट्सएप व मोबाइल चलाते रहते हैं। ऐसे में अब वह उनके साथ रहना नहीं चाहती। व्हाट्सएप और फेसबुक पर चैटिग की लत ने कई दंपतियों के वैवाहिक जीवन में दरार डाल दी है। एक-दूसरे को समय देने के बजाए चैटिंग में लगातार व्यस्त रहने के कारण दांपत्य जीवन बिखर रहा है। हर माह परिवार परामर्श केंद्र में पंद्रह से बीस ऐसे मामले पहुंच रहे हैं। कहीं महिला को पति के दूसरी महिलाओं से बात करने से दिक्कत पैदा हो रही है तो कहीं पति को पत्नी के देर तक फेसबुक पर समय देना पसंद नहीं आ रहा है। पति-पत्नी के बीच इस मामले को लेकर तनातनी इस कदर बढ़ रही है कि सात जन्मों का बंधन तोड़ने पर आमादा हैं। छोटे व मध्यमवर्गीय परिवार ही नहीं बड़े घरानों के विवाद भी थाने और कोर्ट कचहरी तक पहुंच रहे हैं।
केस नंबर 1
थाना प्रेमनगर क्षेत्र में रहने वाले एक दंपती का मामला भी थाने पहुंचा। युवती का कहना है कि पति दिन भर मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में शक है कि उनका किसी महिला से चक्कर है। मोबाइल भी नहीं दिखाते हैं। ऐसे में वह तलाक चाहती हैं। सुनवाई के दौरान अगली तारीख लगाकर दोनों परिवारों को थाने बुलाया गया है।
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केस नंबर 2
थाना सदर बाजार क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने शिकायत करते हुए बताया कि उसकी शादी तीन साल पहले हुई है। पत्नी हर समय मोबाइल पर चैटिंग करती है। काम पर जाते ही वह ऑनलाइन नजर आती है। मोबाइल पर अकसर व्यस्त रहने के मामले में दोनों परिवार के लोगों के बीच पंचायत भी हुई, लेकिन बात नहीं बनी।
पैटर्न लॉक व पासवर्ड बना रिश्ते का दुश्मन
पासवर्ड क्यों नहीं बता रहे, मोबाइल लॉक क्यूं है। दंपती एक दूसरे के मोबाइल चेक करने को लेकर विवाद कर महिला थाने पहुंच रहे हैं। दोनों का एक दूसरे पर आरोप रहता है कि पासवर्ड क्यों डाला गया है। जबकि, दोनाें ही तरफ से किसी के पास कोई जवाब नहीं रहता। यहां भी सुनवाई कर परिजनों को बुलाया जाता है।
वर्जन
हर माह करीब बीस मामले थाने में आ रहे हैं। जिसमे पति-पत्नी के बीच विवाद की वजह मोबाइल पर बिजी रहने के साथ ही लंबे समय तक फेसबुक व व्हाट्सएप चलाने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में चंद मामले सुलझ भी जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में बात न बनने के चलते सुनवाई हो रही है। कुछ मामले अदालत भी पहुंच चुके हैं। पूनम शर्मा, प्रभारी निरीक्षक - महिला थाना
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