झांसी। मंडल रेल प्रशासन ने खुले बाजार से बिजली खरीद कर पिछले सात महीने में 25 करोड़ रुपये की बचत की है। मंडल में 14 स्टेशनों पर बिजली लेने के लिए 14 ट्रैक्शन सबस्टेशन बने हैं।
झांसी रेल मंडल का विस्तार झांसी से धौलपुर, झांसी से आगासौद, झांसी से मानिकपुर, झांसी से भीमसेन, भीमसेन से बांदा, ग्वालियर से श्योरपुरकलां, ललितपुर से खजुराहो तक फैला हुआ है। मंडल में छोटे- बड़े 183 रेलवे स्टेशन हैं। पूर्व में मंडल में बिजली चुनिंदा माध्यम से ही ली जाती थी, जिसके फलस्वरूप रेलवे को उनकी तय की गई दरों के अनुसार ही भुगतान करना पड़ता था। परंतु अब खुले बाजार से बिजली खरीद की जा रही है। स्पर्धा के चलते कम दरों में बिजली उपलब्ध हो सकी है। रेलवे ने मंडल के उत्तर प्रदेश में आने वाले ललितपुर, मुस्तरा, मोंठ, सरसोकी, लालपुर, रागौल, घाटमपुर, उदयपुरा, खोह एवं डिंगवाही तथा मध्य प्रदेश में आने वाले दतिया, हेतमपुर, ग्वालियर व बसई स्टेशन पर ट्रैक्शन सबस्टेशन बना रखे हैं। इन ट्रैक्शन सबस्टेशन से बिजली लेकर ट्रेनों को दौड़ाने का काम होता है।
इसी प्रकार 2020- 21 वित्तीय साल में अभी तक हाई डीजल खपत में भी रिकार्ड 18.76 करोड़ की बचत की गई है। अक्तूबर 2019 में 2670 किलोलीटर डीजल की बचत की गई थी, जो इस बार अक्तूबर में 1170 किलोलीटर ही रही। उक्त बचत डीजल के स्थान पर बिजली के अधिकतम उपयोग से संभव हो सकी है। डीजल की बचत के साथ ही तकनीक का उपयोग एवं उचित प्रबंधक से रेल राजस्व में बचत हुई। वर्तमान में मंडल के अधिकांश खंड विद्युतीकृत हैं और खुले बाजार से बिजली खरीद करने पर सस्ती बिजली उपलब्ध होने से राजस्व की बचत संभव हो सकी है।