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11 बेटियों को मिले शिक्षा के पंख

Thu, 23 Jul 2015 12:00 AM IST
झांसी / ब्यूरो
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अमर उजाला के ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से बुधवार को बिजौली व राजगढ़ में शिक्षा से वंचित 11 बालिकाओं सहित 18 बच्चों को ऑन स्पॉट प्रवेश दिया गया। यहां क्षेत्र के अभिभावकों को भी बालिकाओं के शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बृहस्पतिवार को भट्टागांव एवं खिरक पट्टी में सुबह नौ बजे से अभियान चलेगा।
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बिजौली में प्राथमिक विद्यालय कन्या व बालक तथा ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल के छात्र - छात्राओं ने शिक्षा के प्रति जागरूकता के नारे लगाते हुए हाथों में बैनर व स्लोगन लिखीं तख्तियां लेकर रैली निकाली। रैली के द्वारा लोगों को प्रेरित किया कि वह अपने बच्चाें को स्कूल भेजें। इस दौरान नामांकन पखवाड़ा व प्रवेश उत्सव के तहत बुलावा टोलियां बनाकर नगर खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा, एबीआरसी चौधरी धर्मेंद्र, शिक्षिकाओं में सुगंती, मीरा सेन, सरोज सत्संगी, कुसुम, लक्ष्मी राजपूत एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के  सदस्यों ने अमर उजाला टीम के साथ कचहरी मुहल्ला, ब्रह्मपुरी, तालाबपुरा क्षेत्र के अलावा मुख्य मार्ग पर भ्रमण किया। टीम ने घर - घर जाकर अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के प्रति जागृत किया। इस दौरान शिक्षा से वंचित 11 बेटियों व बालकों का ऑन स्पॉट प्रवेश भी कराया। यहां अभिभावकों के गैर जिम्मेदार रवैये, विषम पारिवारिक हालतों, सरकारी शिक्षा सुविधाओं की जानकारी न होने के चलते स्कूल की डगर नहीं पकड़ सकीं बेटियों को शिक्षा का महत्व समझा कर प्रवेश दिलाया गया। इनमें से एक 11 वर्ष की बेटी भारती के मुताबिक मां के देहांत के  बाद छोटे भाई को संभालने की जिम्मेदारी आ पड़ी। ऐसे में वह स्कूल नहीं जा सकी। पिता श्रमिक हैं, जिस कारण गरीबी शुरू से हावी रही। भारती को शिक्षा का महत्व समझाने पर उसने न सिर्फ अपना प्रवेश कराया, बल्कि छोटे भाई अनुज का भी प्रवेश कराया।  
इधर, राजगढ़ में प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय पीएसी के छात्र-छात्राओं ने रैली निकाली और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। शिक्षिकाओं में खुर्शीद फातिमा, संतोष शर्मा, माला राजपूत, प्रतिभा शर्मा, राम मूर्ति परिहार अंजुम, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों ने बुलावा टोलियां बनाकर अमर उजाला टीम के साथ वीरू नगर, विलेज वाली गली, क्रेशर के पास आदि में भ्रमण कर शिक्षा से वंचित बच्चों को तलाशा। इस दौरान विद्यालयीय शिक्षा से वंचित सात बालक व बालिकाओं का ऑन स्पॉट प्रवेश कराया गया। वहीं, लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
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इन बच्चों का हुआ प्रवेश
बिजौली में चले अभियान में 11 बच्चों का ऑन स्पॉट प्रवेश कराया गया। बेटियों में काजल, मुस्कान, भारती, तनीषा, खुशबू व वर्षा हैं। बालकों में आशीष, अनुज, अर्जुन, रवि, शिवम हैं। वहीं, राजगढ़ में सात बच्चों का ऑन स्पॉट प्रवेश हुआ। बेटियों में शीतल, उमा, लक्ष्मी, खुशी, गौरी एवं बालकों में अरविंद, नरेंद्र शामिल रहे।  

कक्षा पांच के बाद छोड़ी कई बेटियों ने पढ़ाई
बेटियों के शिक्षा से दूर होने की मुख्य वजह व्यवस्थित सरकारी शिक्षा केंद्रों का न होना भी है। बिजौली, राजगढ़ में कई ऐसी बेटियां है, जो सरकारी जूनियर हाईस्कूल के न होने से कक्षा पांच के बाद शिक्षा से नाता तोड़ कर घरेलू कामकाज में व्यस्त हो गईं। इन्हीं बेटियों में एक है राजगढ़ की राखी। राखी की मां रानी विकलांग है। रानी का कहना है कि पति की बीमारी एवं गरीबी के चलते प्राइवेट स्कूल की फीस नहीं चुका सकती थी। क्षेत्र में सरकारी जूनियर हाईस्कूल न होने से उसकी बेटी शिक्षा से दूर हो गई। कक्षा पांच के पश्चात पढ़ाई छोड़ने वाली बिजौली निवासी शोभा व रोशनी ने बताया कि बिजौली में सरकारी जूनियर हाईस्कूल न होने से उन्होंने ही नहीं बल्कि, कई लड़कियों ने भी आगे पढ़ाई नहीं की। अगर आगे की कक्षाओं में पढ़ाई की सुविधा मिल जाये तो वे अवश्य पढे़ंगी।  
वहीं, नगर खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया कि जो बालिकाएं क्षेत्र में उपलब्ध किसी भी प्राइवेट जूनियर हाईस्कूल में प्रवेश लेना चाहती हैं, वह नगर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तत्काल आवेदन दें, जिससे उनका संबंधित विद्यालय में नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जा सके। उनसे प्रत्येक माह लगने वाली फीस भी नहीं ली जाएगी।
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