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शिक्षक भर्ती में घोटाले का मास्टर माइंड निकला झांसी में तैनात मेडिकल ऑफिसर

Thu, 11 Jun 2020 03:02 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 69,000 शिक्षकों की भर्ती में हुई अनियमितता में पकड़े गए आरोपियों में से एक झांसी का निकला। वो यहां मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात था और तीन साल पहले स्थानांतरित होकर झांसी आया था। बचने के लिए वो 25 मई से भूमिगत हो गया था, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसके साथ ही जांच एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

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बेसिक शिक्षा परिषद के प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 69,000 की तैनाती की जानी थी। इसके लिए 06 जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा का रिजल्ट भी तैयार हो चुका था, लेकिन मामला कोर्ट में जाने की वजह से रिजल्ट जारी नहीं हो पाया था।

इसी बीच एक शिकायतकर्ता ने शिकायत की कि इस भर्ती में उसका चयन करने के लिए उससे फरवरी 2020 में रुपये मांगे गए थे। इसके साथ ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं और परत दर परत खुलती चलीं गई। इस मामले में पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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इनमें डॉ. केएल पटेल भी शामिल है। ये डॉक्टर झांसी के बंगरा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नोटा में मेडिकल ऑफिसर के पद पर साल 2017 से तैनात था। लेकिन, विगत 25 मई से गायब चल रहा था। शिक्षक भर्ती में हुई अनियमितता में झांसी के चिकित्सक की संलिप्तता सामने आने पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप की स्थिति है। शासन ने स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट तलब की है। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीके निगम ने बताया कि शिक्षक भर्ती में अनियमितता में पकड़े गए डॉ. केएल पटेल की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

अब तक जांच में सामने आया है कि ये डाक्टर अपने सहयोगियों के साथ पंचमलाल आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रयागराज के प्रबंधक से सांठगांठ कर परीक्षार्थियों की गैर कानूनी तरीकों से मदद करते थे और इसके एवज में उनसे मोटी रकम वसूलते थे। शिक्षक भर्ती में हुई अनियमितता में पकड़े गए आरोपी का झांसी से कनेक्शन पाए जाने पर जांच एजेंसियों ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

करीबियों को बनाया शिकार
झांसी। परिषदीय प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती की अनियमितताओं में फंसे झांसी में तैनात डॉ. केएल पटेल ने यहां पहले करीबियों को अपने जाल में फंसाया। सूत्रों के अनुसार परीक्षा में पास कराने के लिए डॉक्टर द्वारा पंद्रह-बीस लाख रुपये तक की मोटी रकम मांगी जाती थी। झांसी के अलावा जालौन में भी इसने जाल फैला लिया था। डॉक्टर के मेडिकल ऑफिसर के ओहदे की वजह से आसानी से लोग उस पर भरोसा कर लेते थे। चिकित्सक के साथ पकड़े गए दस अन्य आरोपी भी इसी तरह से अनियमितताओं को अंजाम देते थे।

व्यापम घोटाले में भी आया था नाम
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में हुई अनियमितता का मास्टर माइंड झांसी में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. केएल पटेल मध्य प्रदेश में हुए व्यापम घोटाले में भी पकड़ा गया था। इस मामले में वो जमानत पर रिहा चल रहा था।

आधा दर्जन स्कूल का कर रहा था संचालन
पकड़े गए मेडिकल ऑफिसर डॉ. केएल पटेल राज दर राज खुलते जा रहे हैं। वो प्रयागराज में आधा दर्जन शिक्षण संस्थाओं का संचालन करता है। इसके अलावा ये फूलपुर से जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है।

सॉल्वर गैंग में भी उछला था नाम
पिछले साल प्रयागराज में सॉल्वर गैंग पकड़ा गया था। ये गैंग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर सॉल्व कराते थे। सॉल्वर गैंग के प्रयागराज के एक माफिया के पकड़े जाने के बाद डा. केएल पटेल का भी नाम सामने आया था।

पुलिस और एसटीएफ के रडार पर था
डॉ. केएल पटेल लंबे समय से पुलिस और एसटीएफ के रडार पर चल रहा था। हर बार ये गच्चा देकर खुद को बचा ले जाता था, लेकिन बेसिक शिक्षक भर्ती में हुईं अनियमितता में ये जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया।

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