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Jhansi News: अब नही बेचारी, करे सारे काम... आज की नारी तुझे सलाम

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संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जायसवाल महिला क्लब की संगोष्ठी में महिलाओं ने विचार रखे। कहा कि आज भले ही नारी पुरुषों के समान कदम से कदम मिलाकर चल रहीं है। लेकिन आज जरूरत है कि वह समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने में महती भूमिका निभायें।



राजकीय संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में एमएलसी रमा निरंजन, विधायक प्रतिनिधि कमली सिंह पारीक्षा, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभाारी डॉ. निशी राय, पुलिस उपाधीक्षक स्नेहा तिवारी, महिला थानाध्यक्ष किरण रावत, विद्यार्थी परिषद की प्रांत मंत्री शिवा राजे, विनीता शुक्ला, सुधा सिंह सोलंकी, रिमी राय, संगीता व्यास, करुणा सरावगी, अरूणा अग्रवाल, रूबी प्रसाद, शिल्पी वार्ष्णे, खुशबू राय, अंजली पुरोहित गुप्ता, कमलेश राय बतौर अतिथि मौजूद रहीं। अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की सदस्य अनुपमा लोधी ने की।
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कार्यक्रम संयोजिका अंजू गुप्ता ने विस्तृत विचार रखे। मुख्य अतिथि रमा निरंजन ने महिलाओं को उनकी ताकत बताते हुए उनके अधिकार समझाये। इस मौके पर 91 महिलाओं को वीरांगना सम्मान सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम में कविता राय, डॉ. करुणा राय, वंदना जायसवाल, सुनीता शिवहरे, सीमा राय, सुरेखा राय, प्रियंका राय आदि का विशेष सहयोग रहा। संचालन डॉ. रेनू शिवहरे ने किया और आभार वंदना जायसवाल ने व्यक्त किया।



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महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी जरूरत है जागरुकता और शिक्षा की। सरकार द्वारा उनके उत्थान के लिए विशेष प्रयास किये जाने चाहिये। - अंजू गुप्ता, प्रदेशाध्यक्ष, जायसवाल महिला क्लब



महिला दिवस पर उनके उत्थान के लिए खूब बातें की जाती हैं। लेकिन उन बातों को धरातल पर लाकर महिला सशक्तीकरण के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। - कविता राय, जिला उपाध्यक्ष

वूमेंस डे महिला सशक्तीकरण का एक खास दिन है। ऐसे में संकल्प लिया जाना चाहिए कि हम अपनी बेटियों को शिक्षा दिलाये, क्योंकि महिला के शिक्षित होने से एक नहीं, बल्कि दो घरों का उत्थान होता है।



- डॉ. करुणा राय, कोषाध्यक्ष

महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के तमाम कानून बनाए गए हैं। इसके लिए जागरुकता की जरूरत है। महिलाओं को जागरूक किया जाये। - सुनीता शिवहरे, महासचिव



महिलाओं को सम्मान और उत्थान के लिए संकल्प लिया जाए कि हम कभी किसी भी महिला के साथ गलत न करेंगे न होने देंगे, तभी वास्तव में महिलाओं के प्रति सम्मान की बात होगी। - वंदना जायसवाल
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भेदभाव मिटाकर आज महिलाओं को सम्मान दिया जाना चाहिए। महिलायें पीछे नहीं है। सरकार तो उन्हें तमाम अधिकार दे रही है, रुढि़वादी मानसिकता बदलने की जरूरत है। - शालिनी शिवहरे
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