झांसी। लोगों की एंटीबॉडी जांचने के लिए जिले में सीरो सर्वे की शुक्रवार से शुरूआत हो गई। सर्वे के दौरान कई लोगों ने सैंपल देने से इंकार कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों की टीम से कहासुनी भी हुई। सैंपल के लिए टीम को कइयों का मान मनोव्वल भी करना पड़ा। पहले दिन 230 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए।
कोरोना से संक्रमित हुए लोगों की एंटीबॉडी आदि के बारे में जानने के लिए सीरो सर्वे किया जाता है। इसके लिए चार जून से झांसी समेत प्रदेश भर में सैंपलिंग शुरू हो गई। झांसी में सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग की दस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने शुक्रवार को शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बांटे गए 30 क्षेत्रों में जाकर लोगों के रक्त के नमूने लिए। हर टीम को 24 सैंपल लेने का लक्ष्य दिया गया था। दिनभर में 230 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। इस दौरान कई लोगों ने सैंपल लेने पहुंची टीम को देखकर दरवाजे बंद कर लिये तो कइयों ने सैंपल देने से साफ इंकार कर दिया। सैंपलिंग के दौरान कई जगह टीम के सदस्यों और आमजन में बहस भी हुई। इससे टीम को दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं, सीरो सर्वे के प्रभारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार ने कहा कि ये सर्वे लोगों के हितों के लिए किया जा रहा है। इससे कोरोना के असर को लेकर रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा।
देर रात आईं ट्यूब
सर्वे शुरू करने के लिए टीमें तो तैयार कर दी गईं मगर बृहस्पतिवार की शाम तक जिले में सैंपल लेने के लिए वैक्यूम ट्यूब ही नहीं थी। इसके बाद लखनऊ स्तर पर संपर्क किया गया। ट्यूब लेने के लिए गाड़ी भेज दी गई थी, जो बृहस्पतिवार देर रात ट्यूब लेकर आई।