अमर उजाला ब्यूरो
झांसी/टहरौली। सोमवार सुबह रावतपुरा गांव के बाहर नाले के पास नर कंकाल पड़ा मिला। इससे आसपास सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। फॉरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। पुलिस ने छानबीन करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की। कंकाल के पास पड़े कपड़े में मिले आधार कार्ड के जरिये उसकी शिनाख्त हुई, लेकिन उसकी मौत की वजह साफ नहीं हुई। मौत की गुत्थी उलझी हुई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
नर कंकाल की शिनाख्त थाना टहरौली के रावतपुरा गांव निवासी रामनाथ अहिरवार (72) के तौर पर हुई है। परिजन ने पुलिस को बताया कि रामनाथ प्राइवेट काम करते थे। आठ फरवरी को रामनाथ बिना किसी को कुछ बताए निकले थे। काफी दिनों तक लौटकर नहीं आए। परिजन ने भी नहीं तलाशा। सोमवार को गांव के बाहर खेत के पास नाले पर मानव सिर पड़ा मिला।
जानवरों के नुकसान पहुंचाने से काफी हद तक क्षत-विक्षत हो चुका था। करीब सवा माह में वह नर कंकाल में तब्दील हो गया। शिनाख्त होने पर पुलिस ने परिजन को बुलाकर पहचान कराई। बुजुर्ग की मौत की वजह मालूम नहीं चल सकी। आसपास कोई सुराग भी नहीं मिले। परिजन ने किसी तरह की रंजिश से इन्कार किया है।
इनसेट
37 दिन लापता रहने के बाद भी दर्ज नहीं कराई गुमशुदगी
रामनाथ के परिवार में दो पुत्र, पुत्रवधू और नाती हैं, लेकिन 37 दिन से लापता रहने के बावजूद परिजनों ने उसकी खोज-खबर लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। पड़ोसियों का कहना है कि रामनाथ की पत्नी की कई साल पहले मौत हो चुकी। उसके नाम करीब 10 बीघा कृषि जमीन है। उरामनाथ प्राइवेट काम भी करता था। पड़ोसियों का कहना है कि रामनाथ की बड़े बेटे से अधिक नहीं बनती थी। ऐसे में वह अपने छोटे बेटे प्रताप के साथ रहता था। परिजन का कहना है कि रामनाथ अक्सर लापता हो जाता था।
बुजुर्ग की मौत की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी। कंकाल को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन कराई जा रही है। परिजन ने किसी तरह की रंजिश से इन्कार किया है। - ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी