झांसी। शहर की श्वेता सुमन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 413वीं रैंक हासिल कर झांसी का मान बढ़ाया है। खास बात ये है कि उन्होंने पहली ही परीक्षा में अपने सपनों को पूरा कर लिया। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना उनका लक्ष्य रहेगा।
मसीहागंज निवासी श्वेता सुमन ने बीएचयू से बायोकेमिकल ट्रेड में बीटेक और एमटेक किया है। 2016 में उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर ली थी, इसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय संस्था के अंतर्गत दो साल तक रिसर्च का काम करती रहीं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में आईएएस बनने का सपना जगा। जॉब के साथ तैयारी सही तरीके से नहीं हो पा रही थी, इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। 2018 में वह पूरी तरह से अपने सपनों को साकार करने में जुट गईं। इसके लिए उन्होंने दिल्ली में कोचिंग भी की। 2019 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा दी। मंगलवार को रिजल्ट आया, तो 413वीं रैंक हासिल होने की जानकारी पर वह और परिजन खुशी से झूम उठे। श्वेता ने बताया कि सरकार की तरफ से जो पॉलिसी बनती हैं, वह पूरी तरह से जमीन पर नहीं उतर पाती हैं। उनकी कोशिश रहेगी कि सरकारी योजनाओं का जरूरतमंदों को पूरा लाभ मिले। चूंकि, अब डिजिटल का जमाना है, ऐसे में वह इन दिशा में नए-नए इनोवेशन करने का प्रयास करेंगी।
शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही हैं
श्वेता शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही हैं। 10वीं की परीक्षा में उन्होंने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। वहीं, 12वीं की परीक्षा 90.5 प्रतिशत अंकों के साथ पास की।
माता-पिता दोनों वैज्ञानिक
श्वेता ने बताया कि उनके पिता डॉ. सुमेध थेरो आईजीएफआरआई में प्रिंसिपल साइंटिस्ट के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि मां डॉ. मंजू सुमन अभी इसी पद पर कार्यरत हैं। उनका एक भाई है, जो एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन की तैयारी कर रहा है।
सफलता का एक ही मंत्र सौ फीसदी मेहनत
श्वेता ने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। जो लोग सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं, उनको सुझाव है कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए सौ फीसदी मेहनत के साथ लग जाइये। सफलता मिलने में कभी देर जरूर हो सकती है लेकिन नाकामयाब नहीं होंगे।