झांसी। सीपरी बाजार में सर्विस रोड निर्माण के लिए सेतु निगम रोड बनाने को तैयार है। मौके पर काम शुरू भी कर दिया था, परंतु अतिक्रमण की वजह से निर्माण अवरुद्ध बना हुआ है। लेकिन, अब सेतु निगम की मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। इस स्थिति में लोग चरमराई यातायात व्यवस्था के बीच आवागमन को मजबूर हैं।
सीपरी बाजार में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होने से यहां की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे छुटकारे के लिए विभिन्न व्यापारिक व सामाजिक संगठनों द्वारा सर्विस रोड के निर्माण के लिए लगातार आंदोलन चलाया गया।
जबकि, सेतु निगम पहले साफ कर चुका था कि नियमानुसार ब्रिज निर्माण के बाद ही सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा, परंतु संगठनों के दबाव के चलते ब्रिज निर्माण के साथ-साथ सर्विस रोड के निर्माण का फैसला लिया गया और मौके पर काम भी शुरू किया गया। लेकिन, प्रस्तावित मार्ग पर व्यापक अतिक्रमण होने की वजह से निर्माण अवरुद्ध हो गया। अतिक्रमण हटाने को सेतु निगम द्वारा नगर निगम को दो बार पत्र लिखे जा चुके हैं।
बावजूद, इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा सर्विस रोड निर्माण के लिए आंदोलन चलाने वाले संगठन भी नदारद हैं। वह भी अतिक्रमण के नाम पर चुप्पी साध गए हैं। इन परिस्थितियों में यातायात की समस्या सुलझ नहीं पा रही है।
बिजली विभाग भी नहीं दे रहा कान
झांसी। सर्विस रोड के निर्माण में बिजली के खंभे भी बाधा बने हुए हैं। कई स्थानों पर यह सर्विस रोड के प्रस्तावित मार्ग के बीच में आ रहे हैं। इन्हें हटाने को सेतु निगम द्वारा विद्युत विभाग से कई बार पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन, विद्युत विभाग ने इस ओर अब तक ध्यान नहीं दिया है।
नगर निगम रो रहा पुलिस का रोना
झांसी। अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह ने बताया कि सीपरी बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस नहीं मिल पा रही है। कई बार टीम मौके पर अतिक्रमण हटाने पहुंची, परंतु पुलिस की गैर मौजूदगी की वजह से अभियान नहीं चलाया जा सका। लेकिन, अब जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
‘अतिक्रमण की वजह से सर्विस रोड का निर्माण कार्य बाधित है। इसके अलावा कई स्थानों पर बिजली के खंभे भी बाधा बने हैं। अतिक्रमण हटाने को नगर निगम व खंभों के लिए बिजली विभाग से लगातार पत्राचार जारी है, लेकिन दोनों ही विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।’
- पीके वर्मा, परियोजना प्रबंधक - सेतु निगम