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दो मोबाइल फोन में दफन हो गया हाई प्रोफाइल कमलेश हत्याकांड का राज

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झांसी। प्रापर्टी डीलर कमलेश यादव हत्याकांड की गुत्थी पुलिस एक महीने बाद भी नहीं सुलझा सकी। पुलिस अभी न हत्यारे तक पहुंच सकी और न हत्या की वजह तलाश सकी है। कमलेश के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। इनकी मदद से पुलिस गुत्थी के सुलझने की उम्मीद कर रही थी लेकिन, इतने दिन बाद भी यह दोनों मोबाइल से हुई चैटिंग, ऍप कॉलिंग पुलिस के लिए पहेली ही बने हैं।
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सीपरी बाजार थाने के रॉयल सिटी पुलिया के पास 14 जनवरी की रात सिजवाहा निवासी कमलेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोली मारने से पहले कमलेश को बुरी तरह पीटा गया था। इसमें उसका दायां हाथ टूट गया जबकि पूरे शरीर में बीस से अधिक घाव मिले। जिस तरीके से हत्या हुई उसको देखते हुए पुलिस इसे प्रेम प्रसंग का मामला मानकर चल रही थी लेकिन, जांच के आगे बढ़ने पर प्रापर्टी डीलिंग समेत पैसे के लेन-देन का मामला भी सामने आया। करीब तीस साल की अवस्था में ही कमलेश करोड़पति बन बैठा था। इतने कम समय में उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति कैसे अर्जित की, इसका भी पता लगा रही थी।
जांच-पड़ताल घूम फिरकर उसके दोनों मोबाइल फोन पर आ टिकी। कमलेश हाई डेटा सिक्योरिटी वाला आई फोन इस्तेमाल करता था। कमलेश की लाइफ स्टाइल से उसका मोबाइल हत्याकांड की कड़ी जोड़ने में मददगार साबित हो सकता है लेकिन, पुलिस इसका डेटा रिस्टोर नहीं कर पा रही। दोनों मोबाइल में उसके अहम राज दफन हैं। सीओ सिटी प्रदीप कुमार के मुताबिक खुलासे के लिए अलग-अलग पांच टीम लगाई गई है। कुछ तकनीकी अड़चनों की दिक्कतें हैं। हत्याकांड के खुलासे की कोशिश की जा रही है।
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चचेरे भाई से हो रही थी बात, उसी दौरान हो गई हत्या
वारदात के दिन ग्वालियर में रहना वाला कमलेश का चचेरा भाई राहुल उससे मिलने के लिए यहां आया था। वह सिजवाहा स्थित घर में उसका इंतजार कर रहा था। रात करीब 9.22 मिनट पर राहुल की कमलेश से बात हुई। कमलेश ने सिर्फ दस मिनट में घर आने की बात कही। चचेरे भाई से बात करते हुए कमलेश अपनी गाड़ी में बैठ गया। उसके थोड़ी देर बाद ही उसकी हत्या हो गई। रात करीब दस बजे पुलिस को रायल सिटी के पास दुर्घटना होने की सूचना मिली। उधर, राहुल लगातार उसको फोन कर रहा था लेकिन, कमलेश का फोन नहीं उठ रहा था। थोड़ी देर बाद राहुल को हादसे के बारे में मालूम चला। उसके यहां पहुंचने पर उसका शव गाड़ी के बाहर पड़ा था।
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