झांसी में मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में पहले जूनियर्स का नाम पूछा, फिर मुर्गा बनाया और पीटने लगे। मौके से गुजर रहे जूनियर्स के तीन साथियों ने विरोध किया तो ईंट और लोहे की रॉड से उन पर भी हमला बोल दिया। शिकायत मिलने पर एंटी रैगिंग कमेटी ने दो सीनियर्स को छह महीने के लिए कक्षाओं से निष्कासित कर दिया है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में पांच महीने के अंदर रैगिंग की दूसरी घटना सामने आई है। इससे पहले मई में भी सीनियर छात्रों ने जूनियर्स को मुर्गा बनाकर पीटा था। अब फिर से ऐसी ही घटना प्रकाश में आई है। एंटी रैगिंग कमेटी से की गई शिकायत में कहा गया है कि शुक्रवार की रात मेडिकल कॉलेज के सीवी रमन हॉस्टल की कैंटीन में 2020 बैच के दो एमबीबीएस छात्र चाय पीने के लिए गए थे। तभी 2019 बैच के चार छात्र शराब के नशे में वहां पहुंचे।
आरोप है कि सीनियर्स ने जूनियर्स से नाम पूछा और फिर मुर्गा बना दिया। कॉलर पकड़कर मारने लगे। 2020 बैच के तीन छात्र वहां से गुजरे तो उन्होंने चिल्लाने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो चार सीनियर छात्र उनके बैच के दो छात्रों की पिटाई कर रहे थे।
जब विरोध किया तो सीनियर्स ने बाद में आए तीन छात्रों पर लोहे की रॉड और ईंट से हमला बोल दिया। इसमें एक जूनियर छात्र का सिर फट गया। एक छात्र ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो उसका मोबाइल फोन छीन लिया। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई।
समिति ने दोनों पक्षों को सुना। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर बताया कि दो सीनियर्स को दोषी मानते हुए कक्षाओं से छह-छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। साथ ही 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। बैठक में सीओ सिटी राजेश राय, डॉ. अंशुल जैन, डॉ. नीरज श्रीवास्तव, डॉ. ओमशंकर चौरसिया, डॉ. कुलदीप चंदेल, डॉ. सचिन माहौर, डॉ. छवि सहगल, डॉ. जकी सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
एक सेमेस्टर पिछड़ जाएंगे सीनियर्स
कक्षाओं से छह महीने के लिए निलंबित होने के बाद अब दोनों सीनियर्स एक सेमेस्टर पिछड़ जाएंगे। क्योंकि, एक सेमेस्टर की पढ़ाई छह महीने तक होती है।