झांसी। गर्मी के बीच बृहस्पतिवार से परिषदीय विद्यालय खुल गए। लेकिन स्कूलों में पहले दिन शिक्षक बच्चों का इंतजार करते नजर आए। गर्मी के चलते इक्का-दुक्का विद्यार्थी ही आए। वे भी मिड डे मील लेकर घर चले गए। शिक्षिकाओं बताया कि गर्मी और जुलाई में विद्यालयों के खुलने की जानकारी होने के चलते कई विद्यार्थी आए ही नहीं। पहले दिन स्कूलों में उपस्थिति लगभग 20 प्रतिशत रही।
कन्या पाठशाला में नहीं पहुंची एक भी विद्यार्थी
कोतवाली स्थित लक्ष्मी बाई कन्या पाठशाला में एक भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा। शिक्षिका शुभ्रा करौलिया ने बताया कि इक्का-दुक्का विद्यार्थी आए थे। मध्याह्न भोजन के बाद उनके अभिभावक घर ले गए। लक्ष्मी बाई कन्या पाठशाला कंपोजिट स्कूल है। साथ ही उसमें गणेश मंदिर का प्राइमरी स्कूल भी संचालित होता है। रचना मिश्रा ने कहा कि संचालित दोनों स्कूलाें का छात्रांकन क्रमश: 110 और 25 है। लेकिन आज 4-5 बच्चे ही आए थे।
नई बस्ती स्कूल में 10-11 बच्चे ही पहुंचे
नईबस्ती स्थित बेसिक प्राइमरी यूूनिट कन्या में भी 66 बच्चों के सापेक्ष उपस्थिति 10-12 ही रही। शिक्षामित्र मितेंद्र पाल ने बताया कि पहला दिन है। हालांकि कई आस-पास के कई बच्चों को बुलाया भी गया। कुछ अभिभावक इस भ्रम में थे कि स्कूल जुलाई से खुलेंगे। एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
लाल स्कूल में भी कम रही संख्या
वहीं शहर स्थित लाल स्कूल में शिक्षिकाओं ने बताया कि पहले दिन सिर्फ 20-25 बच्चे ही आए थे। स्कूल का छात्रांकन लगभग 120 से अधिक है। उन्होंने बताया कि बड़ी कक्षाआें में उपस्थिति छोटी कक्षाओं की अपेक्षा अधिक रही। उन्होंने बताया कि कई गर्मी के कारण भी कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में अधिक बच्चे पहुंचे
वहीं बीएसए वेदराम ने कहा कि उन्होंने भी कुछ ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण किया था, वहां कई शिक्षक बच्चों को घरों से स्कूल के लिए बुलाते हुए भी मिले। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में नगर क्षेत्र के स्कूलों के मुकाबले उपस्थिति अधिक रही। उन्होंने बताया कि स्कूलों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर कक्षाएं संचालित हुई।