झांसी। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सीबीएसई पाठ्यक्रम की मान्यता प्राप्त राजकीय विद्यालय कुरैठा का नवीन भवन तीन साल में ही खस्ताहाल हो गया है। 2015 में लगभग 3 करोड़ की लागत से बने इस स्कूल में 123 विद्यार्थी पढ़ते हैं। लेकिन 2018 में इस स्कूल के भवन में दरारें पड़ने लगीं।
जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित राजकीय विद्यालय कुरैठा एक मात्र विद्यालय है जो सीबीएसई पाठ्यक्रम द्वारा संचालित है। ये विद्यालय विकासखंड बामौर में स्थित है। वर्ष 2015 में इस विद्यालय के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी। 3 करोड़ रुपये की लागत से बने इस विद्यालय में 33 कक्ष हैं। यह विद्यालय 2016 में माध्यमिक शिक्षा विभाग को संचालन के लिए सौंप दिया गया। खेतों के बीच बने इस विद्यालय में वर्ष 2018 में ही दरारें पड़ना शुरू हो गई। अब विद्यालय की कक्षाओं से अक्सर प्लास्टर गिरने लगा है। प्रधानाचार्य नारायण दास वर्मा ने कहा कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत डीआईओएस को भी की। विद्यालय में वर्तमान छात्रांकन 123 का है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत इस स्कूल का निर्माण किया गया। चर्चा है कि विभाग ने इसके ध्वस्तीकरण की योजना बनाई थी, लेकिन अभी तक ध्वस्तीकरण के आदेश नहीं मिले। उधर, महज तीन साल में ही विद्यालय का इस स्थिति में पहुंचना निर्माण कंपनी और विभाग पर प्रश्न खड़ा कर रहा है। वहीं, बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है।
स्कूल और कार्यदायी संस्था की रिपोर्ट परिषद को भेजी गई है। स्कूल समय से पहले ही ध्वस्त होने लगे हैं। स्कूलों के पुनर्निर्माण के लिए डिमांड की गई है। - डीआईओएस कोमल यादव